अब प्रशांत किशोर पर BJP ने लगाया संगीन आरोप- 'फर्जी कंपनियों के जरिए पैसा जुटा रही जन सुराज पार्टी'
Prashant Kishore: बीजेपी ने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी पर फर्जी कंपनियों से सैकड़ों करोड़ रुपये जुटाने और विपक्षी गठबंधन की मदद करने का आरोप लगाया. राज्य में जंगलराज लौटाने की चेतावनी दी.

बीजेपी की बिहार इकाई ने शनिवार (20 सितंबर) को प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (जसपा) को ‘धोखाधड़ी पर आधारित राजनीतिक स्टार्टअप’ करार दिया. साथ ही पूर्व चुनाव रणनीतिकार पर फर्जी कंपनियों के माध्यम से सैकड़ों करोड़ रुपये जुटाने का आरोप लगाया.
बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कहा कि किशोर ने पूर्व में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाए थे. इसके जवाब में बीजेपी ने किशोर पर राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन की अप्रत्यक्ष रूप से मदद करने का आरोप लगाया. इकबाल ने यह भी सवाल उठाया कि किशोर की पार्टी अभी भी विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' में शामिल कुछ राज्यों से धन क्यों प्राप्त कर रही है.
पश्चिम बंगाल से किशोर को 370 करोड़ रुपये से अधिक की रकम
इकबाल ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल से किशोर की पार्टी को 370 करोड़ रुपये से अधिक की रकम मिली है, जबकि किशोर ने 2021 में वहां ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के लिए काम किया था. इसके अलावा तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों से भी किशोर को भारी धनराशि मिल रही है. उन्होंने कहा कि यह साफ संकेत है कि किशोर बिहार में राजनीतिक माहौल को बिगाड़ने की तैयारी में हैं.
फर्जी कंपनियों के जरिये धन जुटा रही जन सुराज पार्टी- बीजेपी
बीजेपी ने आरोप लगाया कि किशोर की जन सुराज पार्टी फर्जी कंपनियों के जरिये धन जुटा रही है. इकबाल के अनुसार, इस धन में किशोर के परिवार के सदस्य और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह के रिश्तेदार भी शामिल हैं. बीजेपी ने यह भी कहा कि पार्टी ने बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले प्रत्याशियों से 50 करोड़ रुपये से अधिक राशि एकत्र की है.
बीजेपी ने प्रशांत किशोर पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप
दानिश इकबाल ने यह भी चेतावनी दी कि किशोर की रणनीति बिहार में ‘जंगलराज’ की वापसी का मार्ग खोल सकती है. उन्होंने कहा कि किशोर की पार्टी का स्वरूप और धन जुटाने के तरीके इसे राजनीतिक स्टार्टअप की श्रेणी में रखते हैं, जो पूरी तरह से धोखाधड़ी पर आधारित है.
बीजेपी ने अंत में यह भी कहा कि बिहार की जनता को इस तरह की राजनीतिक रणनीति और फर्जी धन जुटाने की गतिविधियों से सावधान रहना चाहिए. पार्टी ने किशोर से स्पष्ट रूप से मांग की कि वे अपने धन और चुनावी गतिविधियों का पूरी तरह पारदर्शी ब्यौरा दें.
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Source: IOCL





















