Fadnavis और Shinde को झूठे केस में फंसाने की रची गई साजिश, पूर्व DGP समेत 3 पर केस की सिफारिश
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आया है. ठाणे नगर पुलिस थाने में साल 2016 में दर्ज एक पुराने मामले को दोबारा खोलकर तत्कालीन विपक्ष के नेता और मौजूदा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को झूठे केस में फँसाने की कथित साजिश का खुलासा हुआ है.विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट में इस साजिश के लिए पूर्व डीजीपी संजय पांडे समेत तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई है. यह रिपोर्ट राज्य की पूर्व पुलिस महानिदेशक रश्मी शुक्ला ने अपनी सेवानिवृत्ति से महज पांच दिन पहले अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को सौंपी थी. रिपोर्ट के मुताबिक, महाविकास आघाड़ी सरकार के कार्यकाल में फडणवीस को कानूनी पचड़े में फँसाने के प्रयास तेज हुए और संजय पांडे के मुंबई पुलिस आयुक्त बनने तथा बाद में डीजीपी बनने के बाद इन कोशिशों को और बल मिला. SIT की जांच में सामने आया कि साल 2016 में ठाणे नगर पुलिस थाने में श्यामसुंदर अग्रवाल के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था, जो बिल्डर संजय पुनमिया और अग्रवाल के बीच साझेदारी विवाद से जुड़ा था. साल 2017 में इस केस में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी थी. इसके बावजूद, संजय पांडे द्वारा दोबारा जांच के आदेश दिए गए, जिसे SIT ने संदिग्ध माना है



























