स्व-गणना में बिहार एक्टिव, आठ दिनों में जुड़ गया 20 लाख परिवारों का नाम, जान लें प्रक्रिया
Self Enumeration In Bihar: बिहार में 17 अप्रैल से स्व-गणना का काम शुरू हुआ है और 8 दिनों में 20 लाख से अधिक परिवार इससे जुड़ गए हैं. स्व–गणना की यह प्रक्रिया 01 मई 2026 तक जारी रहेगी.

भारत सरकार की तरफ से जनगणना 2027 की प्रक्रिया शुरू है. पहली बार डिजिटल तरीके से जनगणना कराई जा रही है. जनगणना का का दो चरणों में हो रहा है, जिसमें पहले चरण मे स्व-गणना कराई जा रही है. पहली बार खुद लोग अपने मोबाइल ऐप से स्व-गणना कर रहे हैं. बिहार में 17 अप्रैल से स्व-गणना का काम शुरू हुआ है और 8 दिनों में 20 लाख से अधिक परिवार इससे जुड़ गए हैं.
भारत की जनगणना 2027 के तहत राज्य में 17 अप्रैल से शुरू हुई स्व–गणना (Self Enumeration) अभियान मे अब तक कुल 20 लाख 19 हजार 950 परिवार स्व–गणना से जुड़ चुके हैं. सरकार कि आंकड़ों के अनुसार 18 लाख 98 हजार 139 परिवारों ने प्रक्रिया पूरी कर ली है, जबकि 1,21,811 परिवारों ने स्व-गणना की शुरुआत की है. विशेष रूप से वैशाली (3,55,447), मधुबनी (3,40,804) और खगड़िया (1,18,120) अब्बल पर है.
जनगणना प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाती है स्व-गणना
स्व–गणना की यह पहल जनगणना प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. विभागीय अधिकारियों का मानना है कि व्यापक जागरूकता अभियान के कारण आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आएगी तथा अधिक से अधिक परिवार इस प्रक्रिया से जुड़ेंगे.
कैसे दर्ज कर सकते हैं जानकारी?
स्व–गणना की यह प्रक्रिया 01 मई 2026 तक जारी रहेगी. इस अवधि में नागरिक अपने मोबाइल या लैपटॉप के माध्यम से एसई (SE) पोर्टल पर जाकर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं. इसके बाद 02 मई से 31 मई 2026 तक राज्य में मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य प्रारंभ होगा, जिसके तहत प्रगणक प्रत्येक घर तक पहुंचेंगे. नागरिक स्व–गणना के बाद प्राप्त एसई आईडी प्रगणकों को उपलब्ध कराएं, जिससे डेटा का सही मिलान हो सके और पूरी प्रक्रिया अधिक सुगम एवं सटीक बन सके.
स्व-गणना के लिए इन सवालों का देना होगा जवाब
बता दें कि स्व-गणना के दौरान नागरिकों को पोर्टल पर उपलब्ध 33 अधिसूचित प्रश्नों का उत्तर देना है. इस प्रश्नावली के माध्यम से घर के संबंध में प्रश्न, परिवार के संबंध में प्रश्न, जल, स्वच्छता एवं ऊर्जा संबंधी विवरण के साथ घरेलू उपकरणों की उपलब्धता से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी.
यह जानकारी आगे चलकर साक्ष्य-आधारित योजना निर्माण, जन कल्याण एवं विकास कार्यक्रमों के निर्धारण में महत्वपूर्ण होगा. स्व-गणना पूरी करने के बाद प्रत्येक परिवार को एक स्व-गणना आईडी (SE ID) प्राप्त होगी,उस आईडी को सुरक्षित रखना है. दूसरे चरण मे 02 मई से 31 मई 2026 के बीच जब जनगणना प्रगणक घर-घर पहुंचेंगे, तब एचएलओ प्रक्रिया को पूरी करने के लिए एसई आईडी उन्हें दिखानी होगी.
स्व-गणना में भाग न लेने वालों को नहीं है घबराने की जरूरत
हालांकि, जो परिवार स्व-गणना में शामिल नहीं होगा, उन्हें भी किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है. ऐसे परिवारों का विवरण प्रगणक द्वारा घर-घर जाकर सर्वेक्षण के माध्यम से दर्ज किया जाएगा. परंतु मुख्य सचिव द्वारा लोगों से अपील की गई है कि यह देश की पहली जनगणना है जिसमें नागरिकों को खुद शामिल होने का मौका दिया गया है इसलिए इसका लाभ ज्यादातर लोगों को उठाना चाहिए.
स्व- गणना के लिए सभी जिलाधिकारियों, अपर मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों और सचिवों को निर्देश दिया गया है कि इसे पूरा करने के लिए विशिष्ट व्यक्तियों की सहभागिता लें. सभी विभागों के ज्यादा से ज़्यादा कर्मियों कों लगाया गया. ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान से सभी को जोड़ने के लिए 'जीविका दीदियों' की मदद ली जा रही है.
कहां-कितने लोगों ने स्व-गणना में लिया भाग?
अब तक आठ दिनों मे 38 जिलों में स्व-गणना में टॉप 10 पर वैशाली – 3,55,447,मधुबनी – 3,40,804,खगड़िया – 1,18,120,भोजपुर – 1,04,879, पटना – 91,547,गोपालगंज – 85,699,औरंगाबाद – 71,644, पश्चिम चंपारण – 67,460,दरभंगा – 63,102 और रोहतास - 52,720 नागरिकों ने स्व- गणना करवा लिया है.
बिहार के 7 जिलों आंधी-पानी की चेतावनी, 5 जिलों में हीट वेव का अलर्ट, जानें अपने जिले का हाल
Source: IOCL

























