Bihar News: अजब बिहार की गजब पुलिस... रोहतास में 'भूत' ने काट लिया गेहूं! जानें मामला
Bihar Police Filed Case Against Deceased: 18 अप्रैल 2024 को थाने में केस हुआ है. भूमि विवाद में ना सिर्फ मरे हुए व्यक्ति पर केस किया गया बल्कि अनुसंधानकर्ता ने केस डायरी में भी नाम दाखिल कर दिया.

Rohtas News: बिहार पुलिस के अजब-गजब कारनामे अक्सर सामने आते रहते हैं. एक बार फिर बिहार के रोहतास की पुलिस अपने कारनामों से चर्चा में है. करीब 21 साल पहले 20 जुलाई 2003 को मरने वाली वैजयंती देवी पर पुलिस की ओर से ना सिर्फ एफआईआर की गई बल्कि अनुसंधानकर्ता ने केस डायरी में भी नाम दाखिल कर दिया. मृतक महिला काराकाट थाना क्षेत्र के चिरैयाडीह के रहने वाले अजय सिंह की पत्नी थी.
बीते सोमवार (24 जून) को मामले का खुलासा तब हुआ जब अजय कुमार सिंह ने कोर्ट में पत्नी की मौत का एफिडेविट दिया. इसकी जानकारी होने के बाद काराकाट थाने में इस केस के अनुसंधानकर्ता संजीव कुमार और थानाध्यक्ष फुलदेव चौधरी का कहना है कि आवेदन के अनुसार प्राथमिकी तो किसी पर भी दर्ज हो सकती है. हालांकि चार्जशीट से पहले मामला पूरी तरह स्पष्ट होना चाहिए. उन्होंने डायरी में नाम सत्यापित होने को लेकर किए गए सवाल पर कहा कि डायरी रफ है. उसमें अभी सुधार करना बाकी है.
महिला के पति ने अजय कुमार सिंह ने क्या कहा?
इस पूरे मामले में मृतक महिला वैजयंती देवी के पति अजय कुमार सिंह ने बताया की ईटढ़िया गांव निवासी श्रीकांत तिवारी और रजनीकांत तिवारी ने एक झूठा केस किया है. इसमें मेरे परिवार के कुल 18 लोगों पर केस दर्ज किया गया है. इसमें 10 पुरुष और आठ महिलाओं को आरोपित बनाया गया है. 18 अप्रैल 2024 को केस हुआ है. आठ महिलाओं में मेरी पत्नी वैजयंती देवी को भी आरोपित बनाया गया है जिसकी मृत्यु 21 वर्ष पूर्व (20 जुलाई 2003) हो गई है.
अजय सिंह ने बताया कि जिस खेत में लगे गेहूं को जबरिया काटने की प्राथमिकी हम लोगों पर दर्ज की गई है उस खेत को मेरे बड़े पिता सिपाही सिंह ने यदुवंश तिवारी से खरीदा था. जब जमीन खरीदी गई थी तब यदुवंश तिवारी ने चकबंदी से अपने हिस्से से बंटवारे का कागजात दिखाकर 1991 में जमीन बेची थी. अब श्रीकांत तिवारी और रजनीकांत तिवारी का कहना है कि वह भूमि उनके हिस्से की नहीं है. इतने दिनों के बाद इस भूमि पर विवाद किया गया है. ऐसे में लोगों में चर्चा है कि जो महिला है ही नहीं उसका केस डायरी में नाम है. क्या भूत ने गेहूं काट लिया.
काराकाट थानाध्यक्ष ने कही नाम सुधार की बात
उधर काराकाट थानाध्यक्ष फूलदेव चौधरी ने कहा कि 18 अप्रैल 2024 को प्राथमिकी के लिए मिले आवेदन के बाद केस दर्ज हुआ था. केस के अनुसंधानकर्ता संजीव कुमार ने रफ डायरी में भले ही आरोपित उक्त मृत महिला का नाम नहीं हटाया है, लेकिन फ्रेश डायरी और चार्जशीट में निश्चित ही सुधार कर लिया जाएगा.
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