सड़कों पर प्रदर्शन, खाली पोलिंग बूथ..विद्रोह के बीच PoK में दूसरे चरण का चुनाव
चुनाव सिर्फ़ मुजफ्फराबाद की 8 सीटों और 12 विवादित शरणार्थी सीटो पर हो पाया जो पाकिस्तान के लाहौर, गुजरांवाला, इस्लामाबाद, कराची, मुल्तान, हैदराबाद, फैसलाबाद, सियालकोट, सरगोधा, झेलम , रावलपिंडी और गुजरात में स्थित है.

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आज विद्रोह के 54 वें दिन पीओके में चुनाव के दूसरे चरण में राजधानी मुजफ्फराबाद डिवीजन में जमकर चुनाव बहिष्कार देखने को मिला. जहां मुजफ्फराबाद शहर के कई पोलिंग स्टेशन ख़ाली थे, तो मुजफ्फराबाद शहर के एक पोलिंग स्टेशन पर पोलिंग टीम का कर्मचारी सोता हुआ नजर आया. 27 LA मुजफ्फराबाद-1 में बीते 3 दिनों से राजधानी मुजफ्फराबाद में हिंसा, प्रदर्शन और आगज़नी की वजह से मतदान 4 अगस्त तक के लिए स्थगित करना पड़ा. साथ ही LA-28 मुजफ्फराबाद-2 विधानसभा के 52 मतदान केन्द्रों पर कम मतदान की वजह से मतदान स्थगित करके 4 अगस्त को कराने का फैसला किया गया.
सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक मुजफ्फराबाद डिवीज़न की 9 सीटो और 12 विवादित शरणार्थी सीटो पर चुनाव होना था जिसमें 5 सीट LA-27 मुजफ्फराबाद-1 LA-28 मुजफ्फराबाद 2, LA-29 मुजफ्फराबाद 3, LA-30 मुजफ्फराबाद 4 और LA-31 मुजफ्फराबाद 5 मुजफ्फराबाद ज़िले की थी. नीलम घाटी ज़िले की 2 सीट LA-25 नीलम और LA-26 नीलम 2 और झेलम घाटी ज़िले की 2 सीट LA-32 और LA-33 थी.
हालांकि चुनाव सिर्फ़ मुजफ्फराबाद की 8 सीटों और 12 विवादित शरणार्थी सीटो पर हो पाया जो पाकिस्तान के लाहौर, गुजरांवाला, इस्लामाबाद, कराची, मुल्तान, हैदराबाद, फैसलाबाद, सियालकोट, सरगोधा, झेलम , रावलपिंडी और गुजरात में स्थित है.
चुनाव बहिष्कार की वजह से दूसरे चरण की 20 सीटों पर महज 42% फीसदी मतदान
चुनाव बहिष्कार की वजह से दूसरे चरण की 20 सीटो पर महज 42 फीसदी मतदान हुआ है और मतदान के दौरान ही एक बार फिर मुजफ्फराबाद शहर में हालत बेकाबू हो गए जब मुजफ्फराबाद शहर के लंगरपुरा इलाके में दोपहर ढाई बजे प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी रेंजर्स के बीच टकराव शुरू हो गया जिसमें रेंजर्स ने जम कर आंसू गैस के गोले फायर किए और फायरिंग की. लंगरपुरा इलाका पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद की शहर सीट LA-29 मुजफ्फराबाद-3 में स्थित है और शाम 4 बजते बजते हंगामा और टकराव मुजफ्फराबाद के नीलम पुल तक पहुँच गया जहां आंसू गैस के गुबार में पुल गायब हो गया और हर तरफ़ सिर्फ़ आंसू गैस का धुआ ही दिखाई दे रहा था.
पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद में 29 जुलाई से आम लोग रावलाकोट, मीरपुर और कोटली में पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी के विरोध में आगज़नी और पथराव कर रहे हैं, पाकिस्तान परस्त पार्टियो के बैनर और झंडे जला रहे हैं, टायर जला रहे हैं जिसकी वजह से 30 जुलाई की रेंजर्स की फायरिंग में 6 लोगो की जान भी जा चुकी है, हालांकि इसके बाद भी आज 2 अगस्त को भी मुजफ्फराबाद के कई इलाकों में चुनाव के दिन भी प्रदर्शन जारी रहा.
पीओके के कोटला इलाक़े में जहां की विधानसभा सीट LA-27 मुजफ्फराबाद-1 पर आज मतदान स्थगित किया गया था. वहां के लोगो में मतदान स्थगित करने का चौक पर निकल कर जश्न मनाया तो पीओके के चुनाव आयोग ने झूठा दावा किया की इस विधानसभा में मतदान बारिश और भूस्खलन की वजह से रद्द किया गया था. हालांकि एबीपी न्यूज़ के पास मौजूद इस विधानसभा के पोलिंग अफसर और अन्य अधिकारियों के बयान के मुताबिक मतदान इसलिए स्थगित किया गया, क्यूंकि प्रदर्शनकारियों ने पत्थरों से सड़कें बंद कर रखी थी और पहाड़ के ऊपर प्रदर्शनकारी बैठे थे जो पोलिंग पार्टी के ऊपर पत्थर फेंक सकते थे.
पीओके के अलावा भी विवादित शरणार्थी सीटो पर वोटिंग बहिष्कार का असर दिखा जहां पर कई पोलिंग स्टेशन थे तो सिंध प्रांत के टंडो अल्लाहयार के बूथ नंबर 16 में एक भी वोट नहीं डाला गया तो इस्लामाबाद के सेक्टर G-9/2 में 138 में से सिर्फ़ 14 पोल हुए, ख़ैबर पख्तूनख़्वाह के मरदान में स्थित महिलाओं के महाविद्यालय में 210 में से सिर्फ़ 23 वोट पोल हुए जिसमे 22 वैद्य थे और पंजाब प्रांत के तोबा टेक सिंह के सरकारी महिला महाविद्यालय में सिर्फ़ 1 वोट पोल हुआ.
एक तरफ चल रही थी वोटिंग, तो दूसरी तरफ प्रदर्शन
जहां एक तरफ़ आज पीओके में वोटिंग चल रही थी तो कोटली में हजारों की संख्या में लोग बाहर निकल कर पाकिस्तानी हुकूमत और फ़ौज के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे थे और इसी तरह नीलम घाटी में शाम साढ़े 4 बजे प्रदर्शनकारी वोटिंग के दौरान निकले तो पीओके पुलिस और रेंजर्स ने गोलीबारी शुरू कर दी. नीलम घाटी में चुनाव के समय पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी में 3 लोगो की मौत हो गई है. ऐसे ने 27 जुलाई से अब तक 1 हफ्ते में पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी में मारने वालो का आकड़ा 53 हो गया है साथ ही 7 जून से लेकर अब तक रेंजर्स की फायरिंग में 127 लोग मारे जा चुके हैं.
पीओके में दूसरे चरण के मतदान के बहिष्कार और कम वोटिंग परसेंटेज के बीच प्रदर्शनकारियों के संगठन जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी में पीओके के चुनाव को निरस्त करने की मांग की है. साथ ही अवामी एक्शन कमेटी के सदस्य सरदार उमर नज़ीर ने मांग की है कि पीओके में एक न्यूट्रल केयरटेकर सरकार का गठन किया जाए, जो अवामी एक्शन कमेटी के साथ अक्टूबर 2025 में हुए करार को इम्प्लीमेंट करे. उमर नज़ीर ने यह भी ऐलान किया है की इस बार 5 अगस्त को पूरे पीओके में पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा जैसा की हर साल भारत के ख़िलाफ़ 370 हटाने पर किया जाता है.
पीओके में 27 जुलाई को हुए 13 सीटो हुए पहले चरण के चुनाव में 9 सीट शहबाज़ शरीफ पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज ) ने जीती थी और 4 सीट बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपल्स पार्टी ने जिसके बाद कई सीटो पर पीएमएल (एन) के समर्थन में धांधली की भी तस्वीर सामने आई थी ऐसे में देखना होगा कि पीओके का इस बार का चुनाव विद्रोह से किस तरह से निपटता है.

















