'भगवा पहनने का अधिकार हमें नहीं?', वाराणसी में हुई FIR पर बोले पप्पू यादव
Pappu Yadav News: वाराणसी में दर्ज एफआईआर पर निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि वह डरने वाले नहीं हैं और कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की.

वाराणसी पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि एफआईआर से न तो राहुल गांधी कभी डरे हैं और न ही प्रियंका गांधी, इसलिए वह भी डरने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई आस्था और सनातन की रक्षा की है.
पप्पू यादव ने कहा, "भगवा पहनने का अधिकार हमें नहीं है? जब गिरी को छद्म रूप से गेरुआ पहनकर चोरी करने का अधिकार है, तो पप्पू यादव को गेरुआ पहनकर गेरुआ की रक्षा करने का अधिकार नहीं है? और मैं खीरा-ककड़ी हूं क्या?"
उन्होंने बताया कि एफआईआर केवल वाराणसी में ही नहीं हुई है. पप्पू यादव ने कहा, "एफआईआर वाराणसी में हुई है. एफआईआर सिर्फ एक जगह नहीं हुई. सुषमा स्वराज की बेटी ने भी की, तिलक नगर थाने में भी एफआईआर की गई. अब एफआईआर से राहुल गांधी तो कभी डरे नहीं, प्रियंका गांधी भी कभी नहीं डरीं, तो फिर पप्पू यादव क्यों डर जाए?"
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'100 बार भी मरना पड़े तो तैयार हूं'
पप्पू यादव ने कहा कि वह सनातन और लोगों की आस्था की रक्षा के लिए हर तरह का संघर्ष करने को तैयार हैं. उन्होंने कहा "सनातन और भगवान के साथ गद्दारी करने वालों के खिलाफ, सनातन और भारत के 100 करोड़ लोगों की आस्था की रक्षा के लिए अगर पप्पू यादव को 100 बार भी मरना पड़े, तो मैं हर दिन कफन बांधकर निकलता हूं. हर दिन कफन बांधकर निकलता हूं."
बच्चों को लेकर दी चेतावनी
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने परिवार को निशाना बनाए जाने पर भी कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने बताया, "मैं चुनौती देता हूं, हमें मार लें. हम आपके विरोध में कुछ नहीं बोलेंगे. लेकिन मेरे बच्चों पर कभी मत जाइए. अगर मेरे बच्चों के घर गए, तो महाभारत से भी बड़ा महाभारत होगा. हम सब कुछ बर्दाश्त करेंगे, लेकिन अपनी लड़ाई में अपने बच्चों को नहीं लड़ाएंगे. हमें ऐसे कमजोर संस्कार नहीं मिले हैं."
राम मंदिर ट्रस्ट पर उठाए सवाल
पप्पू यादव ने कहा कि गिरी, चंपत राय, अध्यक्ष और पूरे राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों की गिरफ्तारी होनी चाहिए. उन्होंने ₹3,300 करोड़ के हिसाब, सीसीटीवी फुटेज और मामले की सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की.
उनका कहना था कि एसआईटी जांच स्वीकार नहीं है और पूरा विपक्ष संत समाज, सत्याग्रह और मंदिर निर्माण में भूमिका निभाने वाले लोगों के साथ खड़ा है.
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