बिहार: नेपाल सीमा पर कड़ी चौकसी, गैर-कानूनी काम में संलिप्त 146 आरोपी गिरफ्तार
Bihar News: बिहार से लगने वाली भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र पर चौकसी बनाए रखने के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है. इसमें एसटीएफ और एसएसबी के अलावा स्थानीय पुलिसकर्मी शामिल हैं.

नेपाल सीमा (Nepal Border) पर कड़ी चौकसी के बीच गैर-कानूनी गतिविधियों में संलिप्त रहने के कारण 146 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. यह आंकड़ा इस साल (2026) के जनवरी से लेकर 22 अप्रैल तक का है. यह जानकारी एसटीएफ के डीआईजी नीरज कुमार सिंह ने दी. वे सोमवार (27 अप्रैल, 2026) को पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे. इस मौके पर उनके साथ डीआईजी संजय कुमार भी मौजूद थे.
दरअसल बिहार से लगने वाली भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र पर चौकसी बनाए रखने के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है. इसमें बिहार पुलिस के एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स), एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) और स्थानीय थाना के चुनिंदा पुलिस जवान शामिल हैं. इसी का सकारात्मक प्रभाव है कि इतनी बड़ी संख्या में गिरफ्तारी हुई है.
सीमा पर चार यूनिट का किया गया है गठन
डीआईजी नीरज कुमार सिंह ने कहा कि फिलहाल सीमा पर चार यूनिट का गठन किया गया है, जिसमें तीनों इकाइयों से 40 पुलिसकर्मियों को रखा गया है. वर्तमान में यह टीम मुख्य रूप से सीमावर्ती 13 अनुमंडलों और 69 थानों में खासतौर से निगरानी कर रही है.
नीरज कुमार ने बताया कि नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों एवं जाली नोटों की तस्करी समेत अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ 128 मामले दर्ज किए जा चुके हैं. इन मामलों में 146 लोगों की गिरफ्तारी के साथ ही 95 किलो डोडा, 590 किलो गांजा, 2 लाख रुपये नकद, कफ सिरप, अफीम समेत अन्य प्रतिबंधित पदार्थों की बरामदगी भी हो चुकी है.
सीमा क्षेत्र से 15 किमी अंतर तक हटाया गया अतिक्रमण
उन्होंने कहा कि तस्करी समेत अन्य अनैतिक गतिविधियों के हिसाब से संवेदनशील जिलों में सीतामढ़ी, बेतिया, मधुबनी, बगहा, सुपौल, अररिया समेत अन्य शामिल हैं. वहीं दूसरी ओर सीमा क्षेत्र से 15 किमी अंदर की तरफ मौजूद अतिक्रमण को हटाया गया है. साथ ही सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की गहन जांच भी की जा रही है. मनी एक्सचेंज केंद्र भी सरकार की तरफ से खोले गए हैं.
डीआईजी ने कहा कि सीमा पार से नकली नोटों, कई तरह के विलुप्त प्राय जानवर, कई जानवरों की खाल, पशु तस्करी, यूरिया, गांजा, अफीम, डोडा, नशीले रासायिक पदार्थ समेत ऐसे कई प्रतिबंधित सामान एवं पदार्थों की तस्करी का मुख्य मार्ग है. इस तरह की तमाम गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए यह विशेष टीम खासतौर से चौकसी बरत रही है.
डीआईजी संजय कुमार ने बताया कि पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए भी बिहार पुलिस और एसटीएफ की टीम गई हुई है. दूसरे राज्यों में होने वाले अपराधों में शामिल बिहार के अपराधियों को दबोचने में भी एसटीएफ की भूमिका काफी अहम रही है.
























