ये राह नहीं आसान! नीतीश कुमार के बाद BJP के CM के सामने होंगी ये 5 बड़ी चुनौतियां
Bihar Next CM: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सुशासन बाबू के नाम से जाने जाते हैं. उनके कार्यकाल में लॉ एंड ऑर्डर पर काफी काम हुआ है. ऐसे में बीजेपी के सामने कई सारी चुनौतियां रहने वाली हैं.

बिहार की राजनीति में गुरुवार (05 मार्च, 2026) का दिन ऐतिहासिक रहा. एक तरफ नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन किया तो दूसरी ओर यह भी साफ हो गया कि अब बिहार का मुख्यमंत्री कोई और बनेगा. 20 साल से मुख्यमंत्री के पद पर रहने वाले नीतीश कुमार अब राज्यसभा जाएंगे. दावा किया जा रहा है कि अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से होगा. दो डिप्टी सीएम जेडीयू से होंगे. खैर आने वाले वक्त में इसकी भी तस्वीर साफ हो जाएगी, लेकिन सबसे बड़ी बात है कि बीजेपी का मुख्यमंत्री बना तो उसके सामने एक-दो नहीं पांच-पांच बड़ी चुनौतियां होंगी. एक बात तो तय है कि बीजेपी के लिए ये राह आसान नहीं होगी.
1) बिहार के एक राजनीतिक जानकार ने बताया कि सबसे बड़ी चुनौती वर्तमान में बीजेपी के लिए अपराध और भ्रष्टाचार होगा. बिहार में अपराध का ग्राफ बढ़ा है तो भ्रष्टाचार के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं. विपक्ष इस मुद्दे को लगातार उठाता रहा है. बीजेपी इस पर कैसे काम करती है यह देखने वाली बात होगी क्योंकि नीतीश कुमार को सुशासन बाबू के नाम से जाना जाता है. उन्होंने अपने कार्यकाल में काफी बेहतर काम किया है. ऐसे में अब बीजेपी के सामने इसे बनाए रखना चुनौती वाला काम होगा.
2) बीजेपी के मुख्यमंत्री के सामने दूसरी चुनौती होगी कि कैसे खजाना भरा जाए. वर्तमान में राज्य का खजाना खाली है. कर्मचारियों को सैलरी देने में भी दिक्कत आ रही है. ऐसे में जल्द से जल्द राजस्व को कैसे बढ़ाया जाए इस पर भी काम करना होगा. हालांकि डबल इंजन की सरकार है और बीजेपी कमान संभालेगी तो केंद्र से भी बेहतर मदद की उम्मीद की जा सकती है.
3) बिहार में 2016 से शराबबंदी कानून लागू है. नीतीश कुमार के इस फैसले महिलाएं खुश हैं. नीतीश कुमार के जीतने के पीछे शराबबंदी कानून भी एक बड़ा कारण है. ऐसे में यह कानून बना रहे यह भी चुनौती रहे. अगर राजस्व के लिए कहीं शराबबंदी हटाने की कोशिश की गई तो महिलाओं में नाराजगी बढ़ेगी. शराबबंदी कानून और कड़ा हो इस पर काम करके लोगों के दिल में एक खास जगह बनाई जा सकती है.
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4) महिलाओं के अलावा अति पिछड़ा वर्ग नीतीश कुमार का कोर वोटर है. नीतीश कुमार जैसे भी हों, लेकिन यह वोट उनके पाले में हमेशा जाता रहा है. अकेले भी जेडीयू चुनाव लड़ी है तो 13 से 14 पर्सेंट वोट मिला है. अब नीतीश कुमार के जाने के बाद यह वोट एनडीए को मिलता रहे यह सबसे बड़ी चुनौती होगी.
5) नीतीश कुमार ने शुरू से महिला आरक्षण पर विशेष ध्यान दिया है. कई योजनाओं को लागू किया है. लड़कियों के लिए साइकिल योजना की बात हो या फिर महिलाओं को रोजगार के लिए 10-10 हजार देने का मामला, बीजेपी कैसे और बेहतर योजना लाकर लोगों के लिए काम कर सके यह भी एक चुनौती ही है. आरक्षण से हर सेक्टर में महिलाओं को विशेष फायदा हुआ है. देखना होगा कि बीजेपी कैसे महिलाओं, युवाओं, रोजगार, नौकरी पर आगे फोकस करती है.
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Source: IOCL
























