बिहार: 700 गाड़ियां, 80 ड्रोन, लौंडा डांस, पोतों ने ऐसे निकाली दादी की शव यात्रा, ताकते रहे लोग
Bihar News: मामला बिहार के भोजपुर जिले का है. शुक्रवार को यह शव यात्रा निकली थी. अब इसकी खूब चर्चा हो रही है. शव यात्रा घर से श्मशान घाट तक लगभग चार किलोमीटर लंबी थी.

बिहार में एक ऐसी शव यात्रा निकली है कि यह चर्चा का विषय बन गया है. मामला भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के दिलमनपुर गांव का है. यहां बीते शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026) को 95 वर्षीय कौशल्या देवी के निधन के बाद पोतों ने उन्हें यादगार विदाई दी. इस अंतिम यात्रा में करीब 700 गाड़ियों का काफिला दिखा. 3500 लोगों की भीड़ शामिल हुई.
कैंसर से जूझ रही थीं कौशल्या देवी
बताया जाता है कि कौशल्या देवी करीब तीन साल से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं. उनकी इच्छा थी कि उनकी अंतिम विदाई धूमधाम से हो. परिवार ने उनकी इसी इच्छा को पूरा करने का निर्णय लिया और शव यात्रा को अलग रूप दिया.
चार किलोमीटर लंबी थी शव यात्रा
यह शव यात्रा कौशल्या देवी के घर से श्मशान घाट तक लगभग चार किलोमीटर लंबी थी. इस दौरान पूरे रास्ते को फूलों से सजाया गया था. 30 से अधिक पिकअप वैन पर लाउडस्पीकर लगाए गए थे. 10 से अधिक डांसर और 30 से ज्यादा बैंड भी इस यात्रा का हिस्सा बने.
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80 ड्रोन से वीडियो को किया गया रिकॉर्ड
दूसरी ओर सबसे खास बात यह रही कि इस यात्रा को रिकॉर्ड करने के लिए 80 से अधिक ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया गया. गांव से लेकर आसपास के क्षेत्रों तक के लोग इस शव यात्रा को देखते रह गए.
कौशल्या देवी के पति, स्व. डॉ. जनार्दन पांडेय धनबाद में होम्योपैथिक चिकित्सक थे. कौशल्या देवी के दो बेटे हैं. परिवार के छह पोते विभिन्न व्यवसायों से जुड़े हैं. शवयात्रा में शामिल पोतों ने भावुक होकर कहा, "दादी हमारे घर की छत थीं. आज हमने एक अनमोल खजाना खो दिया है. हम चाहते थे कि उनकी विदाई ऐसी हो, जिसे लोग हमेशा याद रखें."
हालांकि, इस तरह की भव्यता को लेकर कुछ लोग चर्चा भी करते नजर आए, लेकिन अधिसंख्या लोगों ने इसे परिवार की भावनाओं और दादी के प्रति उनके प्रेम का प्रतीक बताया.
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