मिडिल ईस्ट में फंसे बिहार के मजदूरों के लिए नीतीश सरकार ने बनाया कंट्रोल रूम, तुरंत मिलेगी मदद
Bihar News In Hindi: मिडिल इस्ट युद्ध में फंसे बिहार के प्रवासी मजदूरों के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. राज्य सकार इन मजदूरों का विस्तृत डेटाबेस तैयार कर रही है और सर्वे करा रही है.

मिडिल इस्ट में जारी तनाव के कारण खाड़ी देशों में काम कर रहे बिहार के प्रवासी मजदूर बड़ी संख्या में अपने घर लौट रहे हैं. बिहार सरकार ने इन प्रवासी मजदूरों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. राज्य सकार इन मजदूरों का विस्तृत डेटाबेस तैयार कर रही है और सर्वे करा रही है कि कैसे इन मजदूरों को उनकी कौशलता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराए जाएं. इसके लिए सरकार ने राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया है, जिसे श्रम संसाधन विभाग द्वारा संचालित किया जाएगा.
श्रम संसाधन और प्रवासी मजदूर कल्याण विभाग के सचिव दीपक आनंद ने एक विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है. कंट्रोल रूम से संपर्क करने के लिए मजदूर फोन नंबर 0612-2520053 और व्हाट्सऐप नंबर 7368855002 के जरिए संपर्क कर सकते हैं और अपनी समस्या बता सकते हैं. मजदूरों की पूरी मदद हो इसके लिए बकायदा कंट्रोल रूम में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है. सचिव दीपक आनंद ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता बिहार के इन प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा, गरिमा और सुविधाओं को सुनिश्चित करना है.
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
इसके साथ ही सचिव ने अपील की कि यदि किसी भी परिवार का कोई भी रिश्तेदार या अपना पश्चिम एशिया में काम करता है और वह किसी कठिनाई में है तो उसकी जानकारी हेल्पलाइन नंबर पर दें. सरकार ने यह पहल मजदूरों और उनके परिवारों को आश्वसत करने के लिए शुरू की है कि सरकार उनके साथ है और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. दरअसल, श्रम संसाधन विभाग द्वारा खाड़ी देशों में फंसे मजदूरों की स्थिति पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया है व उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. मजदूरों से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण व प्रभावी तंत्र विकसित करने तथा योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं.
Source: IOCL


























