(Source: Poll of Polls)
Paschimi Champaran Experts Exit Poll: पश्चिम चंपारण में कांटे की टक्कर, बेतिया में रेणु देवी आगे, चनपटिया से अभिषेक रंजन की बढ़त के आसार
West Champaran Exit Polls:स्थानीय पत्रकारों के मुताबिक कुल 9 सीटों में एनडीए की झोली में छह से सीटें आ सकती हैं, तो महागठबंधन के खाते में तीन सीटें जाती हुई दिख रही हैं.

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में पश्चिम चंपारण जिले की सभी सीटों पर कड़ी और रोचक मुकाबले देखने को मिले. मतदान के बाद मिले प्रारंभिक रुझानों और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस बार जिले की कई सीटों पर कांटे की टक्कर है.
स्थानीय पत्रकारों के मुताबिक कुल 9 सीटों में एनडीए की झोली में छह से सीटें आ सकती हैं, तो महागठबंधन के खाते में तीन सीटें जाती हुई दिख रही हैं. अंतिम नतीजे 14 नवम्बर को आएंगे.
बेतिया में त्रिकोणीय मुकाबला
बेतिया विधानसभा में इस बार मुकाबला त्रिकोणीय रहा है. राज्य की मंत्री और भाजपा प्रत्याशी रेणु देवी, कांग्रेस प्रत्याशी वसी अहमद, और निर्दलीय प्रत्याशी रोहित सिकरिया के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली. मतदाताओं के रुझान के अनुसार, कम अंतर से रेणु देवी के जीतने की संभावना जताई जा रही है.
पश्चिम चंपारण की 9 सीटों का पार्टीवार बंटवारा -
- बीजेपी: 4 सीटें
- जदयू: 2 सीटें
- राजद: 1 सीट
- कांग्रेस: 2 सीटें
उधर चनपटिया विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक रंजन और भाजपा विधायक उमाकांत सिंह के बीच कड़ा मुकाबला रहा, जिसमें अभिषेक रंजन की जीत के आसार बताए जा रहे हैं.
इसी तरह नौतन विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी अमित गिरी के पक्ष में माहौल बना हुआ है, जबकि नरकटियागंज में दिलचस्प स्थिति बनी हुई है. यहां महागठबंधन के दो प्रत्याशियों के बीच वोट बंटने से भाजपा के संजय पांडे को बढ़त मिलने की संभावना जताई गई है.
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सिकटा में JDU आगे
सिकटा विधानसभा से जदयू प्रत्याशी समृद्ध वर्मा मजबूत स्थिति में हैं, वहीं लौरिया विधानसभा में भाजपा विधायक विनय बिहारी के दोबारा जीतने की संभावना बताई जा रही है.इसके अलावा वाल्मीकिनगर से NDA में जेडीयू से रिंकू सिंह, बगहा से NDA में बीजेपी से राम सिंह और रामनगर विधानसभा राजद के खाते में जा सकती है.
इस प्रकार जो स्थानीय व सीनियर पत्रकारों के विश्लेष्ण पर गौर करें तो एनडीए यहां से छह सीट जीत रहा है, जबकि तीन सीट महागठबंधन के खाते में आती हुई दिख रहीं हैं. इस बीच कांटे की भी टक्कर है. लिहाजा अंतिम परिणाम तक इन्तजार करना पड़ेगा.
कुल मिलाकर पश्चिम चंपारण की राजनीति में इस बार मुकाबला बेहद रोमांचक और अप्रत्याशित मोड़ लेने वाला है.
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