अरविंद केजरीवाल बोले- 'हां मैं दिमागी नक्सल', BJP ने कहा, 'ऐसे नक्सली…'
Arvind Kejriwal News:

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने सोमवार (17 अगस्त, 2026) को अपने एक्स हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया और कहा कि हां मैं दिमागी नक्सल हूं क्योंकि मैं देशभक्त हूं, और मुझे इस पर गर्व है. उनके इस बयान पर अब बीजेपी की ओर से प्रतिक्रिया आई है.
बीजेपी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. निखिल आनंद ने आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को जवाब दिया है. निखिल आनंद ने कहा, "कोई दिमागी नक्सली देशभक्त हो ही नहीं सकता."
कोई दिमागी नक्सली देशभक्त हो ही नहीं सकता। नक्सली लोकतंत्र में भरोसा नहीं करते बल्कि वे हथियारबंद आंदोलन में विश्वास रखते हैं। लोकतंत्र के नाम पर भ्रष्टाचार करने वाला, ऐशो- आराम करने वाला, दलाली व माफिया सरगना की भूमिका में दिल्ली से लेकर पंजाब तक शासन व्यवस्था में भागीदार… https://t.co/TYbtbkOxDo
— Dr. Nikhil Anand (@NikhilAnandBJP) August 17, 2026
'ये देश विरोधी हैं...': निखिल आनंद
अपने एक्स पोस्ट में निखिल आनंद ने आगे लिखा, "नक्सली लोकतंत्र में भरोसा नहीं करते बल्कि वे हथियारबंद आंदोलन में विश्वास रखते हैं. लोकतंत्र के नाम पर भ्रष्टाचार करने वाला, ऐशो- आराम करने वाला, दलाली व माफिया सरगना की भूमिका में दिल्ली से लेकर पंजाब तक शासन व्यवस्था में भागीदार व्यक्ति अगर खुद को नक्सली कहता है, तो भारत देश की जनता ऐसे नक्सलियों को एलिमिनेट करें. ऐसे नक्सली समाज हित में कतई भी नहीं हो सकते और ये देश विरोधी हैं."
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केजरीवाल ने वीडियो में क्या कुछ कहा है?
अरविंद केजरीवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री के हिसाब से दिमागी नक्सल कौन हैं? जो इस देश में प्रश्न उठाने की हिम्मत करता है." केजरीवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री के हिसाब से वो दिमागी नक्सली है जो सड़ी-गली व्यवस्था को बदलना चाहता है, अच्छे सरकारी स्कूल चाहता है, अच्छे सरकारी अस्पताल चाहता है, जो बिजली-पानी चाहता है, सीवर-ड्रेनेज चाहता है, अच्छी व्यवस्था चाहता है और भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना देखता है. प्रधानमंत्री के हिसाब से वो दिमागी नक्सली है जो बीजेपी और पीएम से डरता नहीं है. जो विकसित भारत का सपना देखता है वह दिमागी नक्सली है."
अरविंद केजरीवाल ने कहा, "आज अगर भगत सिंह जिंदा होते तो प्रधानमंत्री उन्हें भी दिमागी नक्सली बता देते. बाबा साहेब अंबेडकर जिंदा होते, जिन्होंने सबकी बराबरी के लिए लड़ाई लड़ी थी, तो उन्हें भी प्रधानमंत्री नहीं छोड़ते. उनको भी दिमागी नक्सली बोलते. मैं प्रधानमंत्री को कहना चाहता हूं कि मैं अरविंद केजरीवाल, आपके हिसाब से दिमागी नक्सली हूं क्योंकि मैं देशभक्त हूं और मुझे इस बात का गर्व है. अगर देश के खिलाफ कोई कुछ करेगा या बोलेगा, तो केजरीवाल पूरी ताकत के साथ उसका मुकाबला करेगा. जय हिंद."
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