क्रिकेट के इतिहास के वो 11 महारिकॉर्ड जिनका टूटना लगभग नामुमकिन, देखिए लिस्ट
क्रिकेट के इतिहास में 11 ऐसे महारिकॉर्ड बने हैं, जिनका मॉडर्न डे क्रिकेट में टूटना लगभग नामुमकिन है. इनमें एक अनोखा रिकॉर्ड है कि एक गेंदबाज ने सिर्फ 10 रन देकर दस विकेट झटके हैं.

क्रिकेट में आए दिन रिकॉर्ड बनते और टूटते रहते हैं. क्रिकेट में 11 ऐसे महारिकॉर्ड हैं, जिनका टूटना लगभग नामुमकिन है. इनमें ब्रायन लारा का 400 रनों का पहाड़ या रोहित शर्मा का वनडे में 264 रन की पारी शामिल है. सर जैक हॉब्स का फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 199 शतक तो वहीं सचिन तेंदुलकर का इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक, जैसे सभी रिकॉर्ड लंबे समय से अटूट है. यहां हम आपको उन महारिकॉर्ड के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका टूटना नामुमकिन है.
क्रिकेट के इतिहास में 11 महारिकॉर्ड
1. सचिन तेंदुलकर - (भारत)
भारत के महान बल्लेबाज और क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक बनाने वाले पहले और एकमात्र खिलाड़ी हैं. उनके इस रिकॉर्ड में 51 टेस्ट शतक और 49 वनडे शतक शामिल हैं. सचिन का 100 शतकों का सफर 1990 में इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट शतक और 1994 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे शतक से शुरू हुआ था. उन्होंने अपने पूरे करियर में दोनों फॉर्मेट में कई रिकॉर्ड तोड़े और नए रिकॉर्ड भी बनाए. 24 सालों तक दोनों फॉर्मेट में ऐसी कंसिस्टेंसी बनाए रखने की बड़ी चुनौती को देखते हुए यह सोचना मुश्किल है कि आने वाले समय में कोई भी खिलाड़ी इस उपलब्धि को पार कर पाएगा.
2. राहुल द्रविड़ - (भारत)
‘द वॉल’ के नाम से मशहूर दिग्गज भारतीय बल्लेबाज राहुल द्रविड़ टेस्ट क्रिकेट में कभी भी गोल्डन डक पर आउट नहीं हुए. 286 टेस्ट पारियों के दौरान द्रविड़ कभी भी अपनी पहली गेंद पर आउट नहीं हुए. द्रविड़ ने 164 टेस्ट मैच खेले जिसमें उन्होंने 52.31 की औसत से 13,288 रन बनाए. जिसमें उन्होंने 36 टेस्ट शतक जड़े. ये टेस्ट क्रिकेट के सभी कारनामा द्रविड़ ने बिना गोल्डन डक हुए किया है.
3. ब्रायन लारा - (वेस्टइंडीज)
वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान ब्रायन लारा ने साल 2004 में एंटीगा में खेले गए टेस्ट मैच में इंग्लैंड के खिलाफ एक पारी में नाबाद 400 रन बनाए थे. लारा क्रिकेट के सबसे पुराने फॉर्मेट में एक पारी में 400 रन बनाने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी हैं. उन्होंने ये कारनामा करने के लिए 582 गेंदों का सामना किया और 778 मिनट तक उनकी पारी चली थी. इस दौरान उन्होंने 43 चौके और चार छक्के लगाए थे.
4. वियान मुल्डर - (दक्षिण अफ्रीका)
दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज वियान मुल्डर हाल ही में ब्रायन लारा के 400 रनों के महारिकॉर्ड के करीब पहुंच गए थे. मुल्डर ने नाबाद 367 रन बनाए, जो टेस्ट मैच में 49 चौकों के साथ दूसरी सबसे तेज तिहरा शतक थी. हालांकि, मुल्डर ने वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा के सम्मान में रिकॉर्ड से 33 रन पहले ही पारी घोषित कर दी, जिससे वो खास रिकॉर्ड बरकरार रहे.
5. रोहित शर्मा - (भारत)
भारत के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा ने 13 नवंबर, 2014 को ईडन गार्डन्स में श्रीलंका के खिलाफ वनडे में 264 रन की पारी खेली थी. उन्होंने ये रिकॉर्ड पारी सिर्फ 173 गेंदों में 33 चौके और 9 छक्के की मदद से खेली थी. इस रिकॉर्ड तोड़ पारी के अलावा, रोहित एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने वनडे क्रिकेट में तीन दोहरा शतक बनाई हैं. उनकी बाकी दो दोहरा शतक साल 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 209 और साल 2017 में श्रीलंका के खिलाफ मोहाली में नाबाद 208 रन शामिल हैं. वनडे इतिहास में किसी भी दूसरे खिलाड़ी ने एक से ज्यादा दोहरा शतक नहीं बनाया है.
6. मुथैया मुरलीधरन - (श्रीलंका)
श्रीलंका के दिग्गज ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड है. मुरलीधरन ने 133 मैचों में सबसे ज्यादा 800 विकेट लिए हैं. उन्होंने 1992 से 2010 के बीच अपनी स्पिन और मिस्ट्री बॉलिंग से ये उपलब्धि हासिल की. मुरलीधरन के नाम और भी कई बड़े रिकॉर्ड हैं, जिनमें टेस्ट में सबसे ज्यादा 10 विकेट लेने का रिकॉर्ड (22) और वनडे में सबसे ज्यादा विकेट (534) शामिल हैं.
7. सर जैक हॉब्स - (इंग्लैंड)
इंग्लैंड के महान बल्लेबाज सर जैक हॉब्स ने अपने फर्स्ट क्लास करियर में कुल 199 शतक लगाए. उन्होंने 1905 से 1934 तक 834 फर्स्ट-क्लास मैच खेले और 61,760 रन बनाए. हॉब्स ने 62 टेस्ट मैचों में 56.94 की औसत से 5,410 रन भी बनाए, जिसमें 15 टेस्ट शतक शामिल हैं. उनके 199 फर्स्ट-क्लास शतकों का रिकॉर्ड अभी भी कायम है. मॉडर्न क्रिकेट जिस तेजी से क्रिकेट खेला जा रहा है उसे देखते हुए इसे तोड़ना मुश्किल है.
8. सर डोनाल्ड ब्रैडमैन - (ऑस्ट्रेलिया)
ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज सर डोनाल्ड ब्रैडमैन के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा 99.94 के औसत से रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है. ब्रैडमैन ने अपने टेस्ट करियर में 52 टेस्ट मैच खेले और 6,996 रन बनाए, जिसमें 29 शतक शामिल थे. इस दौरान उन्होंने 12 दोहरे शतक भी जड़े थे. ये भी एक ऐसा रिकॉर्ड है जो आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है. उन्होंने साल 1930 में एक ही टेस्ट सीरीज में 974 रन बनाए, जो एक और रिकॉर्ड है. ब्रैडमैन का 99.94 का करियर औसत क्रिकेट इतिहास में एक ऐसा रिकॉर्ड है जिसे तोड़ना नामुमकिन लगता है.
9. विल्फ्रेड रोड्स - (इंग्लैंड)
इंग्लैंड के क्रिकेटर विल्फ्रेड रोड्स टेस्ट मैच में सबसे अधिक उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी हैं. अप्रैल 1930 में जब उन्होंने सबीना पार्क, किंग्स्टन में वेस्ट इंडीज के खिलाफ इंग्लैंड के लिए मैच खेला था, तब उनकी उम्र 52 साल और 165 दिन थी. खास बात यह है कि रोड्स ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए की थी, लेकिन बाद में उन्होंने एक ओपनर के तौर पर अपनी पहचान बनाई थी.
10. हेडली वेरिटी - (इंग्लैंड)
इंग्लैंड के दिग्गज लेफ्ट-आर्म स्पिनर हेडली वेरिटी के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड है जिसे आज तक कोई तोड़ नहीं पाया है. जुलाई 1932 में हेडिंग्ले में यॉर्कशायर के इस गेंदबाज ने ये रिकॉर्ड फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में बनाया था. वेरिटी ने 19.4 ओवर की अपनी गेंदबाजी में 16 मेडन ओवर डाले थे. इस दौरान उन्होंने नॉटिंघमशायर के खिलाफ एक पारी में 10 रन देकर 10 विकेट चटकाए थे. इस शानदार स्पेल में एक ऐसा दौर भी आया जब उन्होंने सिर्फ 15 गेंदों में सात विकेट लिए, जिसमें एक हैट्रिक भी शामिल थी. उनका 10 रन देकर 10 विकेट लेना आज भी सटीक गेंदबाजी का सबसे बड़ा उदाहरण है. ये उपलब्धि मॉडर्न क्रिकेट में लगभग नामुमकिन है.
11. जेसन गिलेस्पी - (ऑस्ट्रेलिया)
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी के नाम बतौर नाइटवाचमैन सबसे बड़ी पारी खेलने का महारिकॉर्ड दर्ज है. गिलेस्पी ने चटगांव में बांग्लादेश के खिलाफ 2006 के टेस्ट मैच की एक पारी में नाबाद 201 रन बनाए. ये शानदार पारी इंटरनेशनल क्रिकेट में नाइटवॉचमैन द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है. गिलेस्पी ने दूसरी पारी में दोहरा शतक बनाया था. उन्होंने इस दौरान माइकल हसी के साथ चौथे विकेट के लिए 320 रन की अहम पार्टनरशिप किया था.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL

















