रिसर्च के मुख्य लेखक रेगिना गुथोल्ड ने कहा, "दुनियाभर में कई प्रमुख स्वास्थ्य के खतरों की तरह शारीरिक काम करने वालों के स्तर में कमी नहीं हो रही है." तस्वीर: गूगल फ्री इमेज
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रिसर्चर्स के मुताबिक, अगर यह प्रवृत्ति जारी रही तो कम शारीरिक मेहनत करनेवालों की संख्या 2025 तक घटाकर 10 फीसदी करने का लक्ष्य प्राप्त नहीं हो पाएगा. तस्वीर: गूगल फ्री इमेज
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संपन्न देशों में शारीरिक श्रम कम करने वालों का आंकड़ा 37 फीसदी है जबकि मध्यम आय वाले देशों में 26 फीसदी है. वहीं, निम्न आय वाले देशों में यह आंकड़ा 16 फीसदी तक जा पहुंचा है. तस्वीर: गूगल फ्री इमेज
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दुनियाभर में तीन में से एक महिला पर्याप्त शारीरिक क्रियाकलाप नहीं करती है जबकि पुरुषों के मामले में यह आंकड़ा चार में से एक है. तस्वीर: गूगल फ्री इमेज
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सर्वे के ये नतीजे 'द लांसेट ग्लोबल हेल्थ' मैगजीन में प्रकाशित हुए हैं. इसमें बताया गया है कि 2016 में भारत में शारीरिक श्रम कम करने वाली महिलाएं 50 फीसदी थीं जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 25 फीसदी था. तस्वीर: गूगल फ्री इमेज
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भारत में 35 फीसदी से ज्यादा लोग शारीरिक श्रम करने में आलस करते हैं. यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का आंकड़ा है. डब्ल्यूएचओ के एक सर्वे के मुताबिक, शारीरिक गतिविधियों में सक्रियता नहीं दिखाने के कारण इन लोगों को दिल की बीमारी के साथ-साथ कैंसर, डायबिटीज और मानसिक रोगों का खतरा बना रहता है. तस्वीर: गूगल फ्री इमेज