एक्सप्लोरर

USB Port Colors : USB पोर्ट के रंग क्यों बताते हैं स्पीड? USB-C में क्यों नहीं दिखता ये फर्क

लैपटॉप या कंप्यूटर में USB पोर्ट के रंग के पीछे डेटा ट्रांसफर स्पीड और चार्जिंग से जुड़े खास संकेत छिपे हैं. जानिए किस रंग के पोर्ट का क्या मतलब है और USB-C में उसकी क्षमता कैसे पहचानें.

लैपटॉप या कंप्यूटर में USB पोर्ट के रंग  के पीछे डेटा ट्रांसफर स्पीड और चार्जिंग से जुड़े खास संकेत छिपे हैं. जानिए किस रंग के पोर्ट का क्या मतलब है और USB-C में उसकी क्षमता कैसे पहचानें.

लैपटॉप, कंप्यूटर या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में आपने USB पोर्ट के अलग-अलग रंग जरूर देखे होंगे. किसी में नीला, किसी में काला तो किसी में लाल या पीला रंग नजर आता है. देखने में ये रंग भले ही नॉर्मल लगें, लेकिन कई बार इनके जरिए पोर्ट की स्पीड और चार्जिंग से जुड़ी क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है. खास बात यह है कि हर USB पोर्ट एक जैसी स्पीड से डेटा ट्रांसफर नहीं करता है. ज्यादातर कंपनियां इन्हें पहचान के लिए इस्तेमाल करती हैं. तो आइए जानते हैं कि USB पोर्ट के रंग उनकी स्पीड क्यों बताते हैं और USB-C में ये फर्क क्यों नहीं दिखता है.

1/6
USB पोर्ट के अलग-अलग रंग उनकी स्पीड और क्षमता पहचानने में मदद करते हैं. जैसे नीला पोर्ट आमतौर पर 5Gbps तक डेटा ट्रांसफर कर सकता है, जबकि लाल पोर्ट की स्पीड 10Gbps से 20Gbps तक हो सकती है. वहीं काला पोर्ट USB 2.0 को दर्शाता है, हालांकि रंगों का कोई आधिकारिक नियम नहीं है. ऐसे में सही जानकारी के लिए डिवाइस की स्पेसिफिकेशन देखना जरूरी है.
USB पोर्ट के अलग-अलग रंग उनकी स्पीड और क्षमता पहचानने में मदद करते हैं. जैसे नीला पोर्ट आमतौर पर 5Gbps तक डेटा ट्रांसफर कर सकता है, जबकि लाल पोर्ट की स्पीड 10Gbps से 20Gbps तक हो सकती है. वहीं काला पोर्ट USB 2.0 को दर्शाता है, हालांकि रंगों का कोई आधिकारिक नियम नहीं है. ऐसे में सही जानकारी के लिए डिवाइस की स्पेसिफिकेशन देखना जरूरी है.
2/6
सफेद रंग वाला पोर्ट पुराने USB 1.x स्टैंडर्ड को दर्शाता है. इसकी डेटा ट्रांसफर स्पीड 1.5 Mbps से 12 Mbps तक होती है. आज के समय में इसे पुराना कनेक्शन माना जाता है. काला रंग आमतौर पर USB 2.0 Hi-Speed पोर्ट की पहचान है और यह अधिकतम 480 Mbps की स्पीड से डेटा ट्रांसफर कर सकता है. ऐसे पोर्ट आज भी कई डिवाइस में मिलते हैं.
सफेद रंग वाला पोर्ट पुराने USB 1.x स्टैंडर्ड को दर्शाता है. इसकी डेटा ट्रांसफर स्पीड 1.5 Mbps से 12 Mbps तक होती है. आज के समय में इसे पुराना कनेक्शन माना जाता है. काला रंग आमतौर पर USB 2.0 Hi-Speed पोर्ट की पहचान है और यह अधिकतम 480 Mbps की स्पीड से डेटा ट्रांसफर कर सकता है. ऐसे पोर्ट आज भी कई डिवाइस में मिलते हैं.
3/6
नीला रंग USB 3.0 SuperSpeed और इसके बाद के कुछ वर्जन जैसे USB 3.1 Gen 1 और USB 3.2 Gen 1 को दर्शाता है. इसकी अधिकतम स्पीड 5Gbps तक होती है. टील रंग के पोर्ट कम देखने को मिलते हैं. पहले इनका इस्तेमाल USB 3.1 Gen 2 के लिए किया जाता था. अब यह USB 3.2 Gen 2 SuperSpeed 10Gbps स्टैंडर्ड से जुड़ा है, हालांकि इसका रंग कंपनियों के हिसाब से अलग हो सकता है.
नीला रंग USB 3.0 SuperSpeed और इसके बाद के कुछ वर्जन जैसे USB 3.1 Gen 1 और USB 3.2 Gen 1 को दर्शाता है. इसकी अधिकतम स्पीड 5Gbps तक होती है. टील रंग के पोर्ट कम देखने को मिलते हैं. पहले इनका इस्तेमाल USB 3.1 Gen 2 के लिए किया जाता था. अब यह USB 3.2 Gen 2 SuperSpeed 10Gbps स्टैंडर्ड से जुड़ा है, हालांकि इसका रंग कंपनियों के हिसाब से अलग हो सकता है.
4/6
लाल रंग वाले पोर्ट आमतौर पर USB 3.1 Gen 2 और USB 3.2 से जुड़े होते हैं. इनकी स्पीड 10Gbps से 20Gbps तक हो सकती है. कुछ डिवाइस में ये पोर्ट कंप्यूटर बंद होने या पावर ऑफ रहने पर भी कनेक्टेड डिवाइस को बिजली दे सकते हैं.
लाल रंग वाले पोर्ट आमतौर पर USB 3.1 Gen 2 और USB 3.2 से जुड़े होते हैं. इनकी स्पीड 10Gbps से 20Gbps तक हो सकती है. कुछ डिवाइस में ये पोर्ट कंप्यूटर बंद होने या पावर ऑफ रहने पर भी कनेक्टेड डिवाइस को बिजली दे सकते हैं.
5/6
इन रंगों वाले पोर्ट ज्यादातर लैपटॉप में देखने को मिलते हैं. ये USB 2.0 या USB 3.0 हो सकते हैं. इनकी खासियत यह है कि कंप्यूटर स्लीप या स्टैंडबाय मोड में होने पर भी ये फोन जैसे डिवाइस चार्ज कर सकते हैं.
इन रंगों वाले पोर्ट ज्यादातर लैपटॉप में देखने को मिलते हैं. ये USB 2.0 या USB 3.0 हो सकते हैं. इनकी खासियत यह है कि कंप्यूटर स्लीप या स्टैंडबाय मोड में होने पर भी ये फोन जैसे डिवाइस चार्ज कर सकते हैं.
6/6
USB-C पोर्ट से डेटा ट्रांसफर से लेकर चार्जिंग और ऑडियो-वीडियो कनेक्शन जैसे कई काम किए जा सकते हैं. यह Thunderbolt, DisplayPort और HDMI जैसी टेक्नोलॉजी को भी सपोर्ट कर सकता है. इसलिए इसकी क्षमता बताने के लिए रंगों की जगह SS, Thunderbolt और बिजली के निशान जैसे लोगो इस्तेमाल किए जाते हैं, हालांकि कुछ कंपनियां पोर्ट पर कोई निशान भी नहीं देती हैं.. ऐसे में सही जानकारी के लिए डिवाइस का मैनुअल या उसकी प्रोडक्ट लिस्टिंग देखना बेहतर है.
USB-C पोर्ट से डेटा ट्रांसफर से लेकर चार्जिंग और ऑडियो-वीडियो कनेक्शन जैसे कई काम किए जा सकते हैं. यह Thunderbolt, DisplayPort और HDMI जैसी टेक्नोलॉजी को भी सपोर्ट कर सकता है. इसलिए इसकी क्षमता बताने के लिए रंगों की जगह SS, Thunderbolt और बिजली के निशान जैसे लोगो इस्तेमाल किए जाते हैं, हालांकि कुछ कंपनियां पोर्ट पर कोई निशान भी नहीं देती हैं.. ऐसे में सही जानकारी के लिए डिवाइस का मैनुअल या उसकी प्रोडक्ट लिस्टिंग देखना बेहतर है.

टेक्नोलॉजी फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola
Advertisement
Advertisement
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Whatsapp Storage: व्हाट्सएप की ये 3 सेटिंग बदलें, कभी नहीं भरेगी स्टोरेज
व्हाट्सएप की ये 3 सेटिंग बदलें, कभी नहीं भरेगी स्टोरेज
ISRO Navic Satellite launch: भारत का अपना GPS होगा और ताकतवर, ISRO ने भेजा NVS-03 सैटेलाइट 
भारत का अपना GPS होगा और ताकतवर, ISRO ने भेजा NVS-03 सैटेलाइट 
ATM Card Safety: एटीएम में कार्ड डालने से पहले चेक करें ये चीज, वरना खाली हो जायेगा अकाउंट
एटीएम में कार्ड डालने से पहले चेक करें ये चीज, वरना खाली हो जायेगा अकाउंट
Samsung Phone : स्क्रीन पर अचानक दिखने लगीं छोटी लाइट्स? Samsung यूजर्स जान लें वजह
स्क्रीन पर अचानक दिखने लगीं छोटी लाइट्स? Samsung यूजर्स जान लें वजह
Advertisement

वीडियोज

Sansani: लव मैरिज की दगाबाज भाभी !
विपक्ष का 'जज्बा' जरा सी बारिश में धुल गया!
शाह के मंत्र से 27 में सत्ताधीश बनेंगे योगी?
यूपी की सत्ता के लिए हिंदू-मुसलमान करना जरूरी है?
Uttarakhand हेलिकॉप्टर क्रैश में सभी की मौत!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
हूतियों का यमन पर अटैक, राष्ट्रपति भवन को बनाया निशाना, मदीना की ओर भेजे ड्रोन
हूतियों का यमन पर अटैक, राष्ट्रपति भवन को बनाया निशाना, मदीना की ओर भेजे ड्रोन
दिल्ली-NCR में 5 से 20 नवंबर तक रहेंगी ये पाबंदियां, वर्क फ्रॉम होम का भी आदेश
दिल्ली-NCR में 5 से 20 नवंबर तक रहेंगी ये पाबंदियां, वर्क फ्रॉम होम का भी आदेश
चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया, जापान को रौंद लगाई जीत की हैट्रिक
चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया, जापान को रौंद लगाई जीत की हैट्रिक
लॉस एंजिल्स प्रीमियर के बाद रणबीर कपूर की ‘रामायण’ के मुरीद हुए विदेशी क्रिटिक्स, बोले- 'साल की सबसे बेहतरीन फिल्म'
लॉस एंजिल्स प्रीमियर के बाद ‘रामायण’ के मुरीद हुए इंटरनेशनल क्रिटिक्स, जमकर की तारीफ
बिहार के सरकारी शिक्षक ध्यान दें! ड्रेस कोड पर सरकार का सख्त आदेश जारी
बिहार के सरकारी शिक्षक ध्यान दें! ड्रेस कोड पर सरकार का सख्त आदेश जारी
FATF का पाकिस्तान पर कोई एक्शन नहीं, खुलेआम पल रहे आतंकी, 2030 तक मिली खुली छूट!
FATF का पाकिस्तान पर कोई एक्शन नहीं, खुलेआम पल रहे आतंकी, 2030 तक मिली खुली छूट!
Best Tiles For Home: बाथरूम से किचन तक, घर के लिए ऐसे चुनें सही टाइल्स, नहीं होगी परेशानी
बाथरूम से किचन तक, घर के लिए ऐसे चुनें सही टाइल्स, नहीं होगी परेशानी
Krishak Unnati Yojana: किसानों को 15000 प्रति एकड़ देगी सरकार, बस पूरी करनी होगी ये शर्त
किसानों को 15000 प्रति एकड़ देगी सरकार, बस पूरी करनी होगी ये शर्त
Embed widget