एक्सप्लोरर
In Pics: राजस्थान के हर समाज की है अपनी पगड़ी, उदयपुर के संग्रहालय संजोया गया है पगड़ियों का इतिहास
Rajasthani Heritage: राजा, महाराजा, ठाकुरों और नवाबों की पगड़ियों की अलग शैली रही है. इसके साथ ही किसान, व्यापारी, चरवाहा, पुजारी की पगड़ी अलग होती है. आइये तस्वीरों में देखते हैं कि पगड़ियों का सफर.
उदयपुर के पगड़ियों का संग्रहालय में रखी दुनिया की सबसे बड़ी पगड़ी. (Image Source: Vipin Chandra Solanki)
1/11

आन, बान और शान की पहचान है, पगड़ी . भारतीय सभ्यता और संस्कृति की परिचायक है पगड़ी.संस्कृत में पगड़ी को शिरोस्त्राण या शिरोवेश कहा जाता है. प्राचीन काल से लोग शिरस्त्राण धारण करते रहे हैं. इसे पाग,पागड़ी,पोतिया, फेंटा और साफा के रूप में भी जाना जाता है.पगड़ी को सुरक्षा, सामाजिक व्यवस्था, सौंदर्य बोध, प्रगतिशीलता और वर्ग विशेष की पहचान के रूप में देखा जाता रहा है.आइये तस्वीरों में देखते हैं कि राजस्थान में कौनसी पगड़िया पहनी जाती थीं. उदयपुर के पगड़ियों का संग्रहालय से ये तस्वीरें ली हैं विपिन चंद्र सोलंकी ने..
2/11

पगड़ी समाज के विभिन्न वर्गों,भौगोलिक स्थान,मौसम और दैनिक जीवन का द्योतक है.लेकिन हम यह नहीं जानते कि दशकों पहले कौनसा समुदाय किस प्रकार की पगड़ी पहनता था और इसका क्या महत्व था.क्योंकि राजा, महाराजा, ठाकुरों और नवाबों की पगड़ियों की विशिष्ट शैली रही है. इसके साथ ही किसान, व्यापारी, चरवाहा, पुजारी की पगड़ी अलग होती है.आइये तस्वीरों में देखते हैं कि राजस्थान में कौनसी पगड़िया पहनी जाती थीं.
Published at : 08 Feb 2023 12:53 PM (IST)
और देखें
टॉप हेडलाइंस
विश्व
महाराष्ट्र
क्रिकेट
बॉलीवुड
























