इतना ही नहीं आंदोलनकारी किसानों को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के भी गोले छोड़ें. एक जगह पर किसानों ने पुलिस के ऊपर पत्थरबाजी भी की. पुलिस किसानों को समझाने में लगी हुई है.
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लाल किले के अलावा भी दिल्ली में दूसरी जगहों पर आंदोलनकारी किसानों को ट्रैक्टर रैली के लिए जो रूट दिया गया था वे वहां से न जाकर दूसरे रूट में जाने लगे. ऐसे में उन्हें संभालने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा.
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तस्वीर में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह से आंदोलनकारी किसान लाल किले के पास लगी बैरिकेड को गिरा रहे हैं. किसान नारेबाजी कर रहे थे और उनके हाथों में झंडा था.
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प्रदर्शनकारी किसानों ने लाल किले के पास लगी पुलिस की बैरिकेड को भी गिरा दिया. आंदोलनकारियों ने एबीपी न्यूज़ का माइक छीन कर भाग गए. इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने एबीपी न्यूज़ का कैमरा भी तोड़ दिया.
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बता दें कि ट्रैक्टर परेड से पहले किसान संगठनों ने ये वादा किया था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेंगे और किसी भी राष्ट्रीय स्मारक या भवन पर कब्जा नहीं करेंगे. लेकिन आज प्रदर्शकारी किसानों के एक समूह ने उन तमाम वादों पर पानी फेर दिया.
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हालांकि बाद में दिल्ली पुलिसकर्मी ने झंडा उतार दिया. स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने किसान के इस तरह के प्रदर्शन को गलत बताया. उन्होंने कहा कि इस तरह का कृत्य बिना किसी संदेह के निंदनीय है.
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ट्रैक्टर रैली में प्रदर्शनकारी किसानों ने जबरदस्त हंगामा किया है. किसानों का समुह बिना इजाजत दिल्ली के लाल किले पर पहुंच गया और वहां दो जगहों पर केसरिया झंडा फहरा दिया. पहले तो किसानों ने उस पोल पर झंडा लगाया जहां स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगे को फहराया जाता है. इसके बाद लाल किले के गुंबद पर भी किसानों ने केसरिया झंडा फहरा दिया.