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साइलेंट डेंजर है लीकी हार्ट वॉल्व, डॉक्टर से समझें इसके लक्षण-खतरे और बचाव
लीकी हार्ट वॉल्व को हृदय वॉल्व रिगर्जिटेशन भी कहते हैं. यह ऐसी मेडिकल कंडीशन है, जिसमें हार्ट के वॉल्व पूरी तरह से बंद नहीं हो पाते हैं. इसकी वजह से ब्लड वापस हार्ट में लीक होने लगता है.
लीकी हार्ट वॉल्व की वजह से हार्ट के फंक्शन प्रभावित हो सकते हैं. वहीं, कुछ मामलों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं. दरअसल, बहुत सी हार्ट कंडीशंस अक्सर धीरे-धीरे डेवलप होती हैं और डेली लाइफ को अफेक्ट करने तक पता नहीं चलतीं.
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ऐसी ही एक कंडीशन है लीकी हार्ट वॉल्व या हार्ट वॉल्व रिगर्जिटेशन, जिसकी वजह से हर हार्टबीट के साथ ब्लड पीछे की तरफ फ्लो होने लगता है. बहुत से लोग कई साल तक यह जाने बिना जीते रहते हैं कि उनके हार्ट का वॉल्व ठीक से काम नहीं कर रहा है.
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हार्ट एक्सपर्ट डॉ. सईद अफरीदी का कहना है कि वॉल्व से जुड़ी हार्ट डिजीज को अक्सर लोग अंडर-डाइग्नोस और अंडर-ट्रीटेड रखते हैं. इसका रिस्क इसलिए ज्यादा है, क्योंकि इसके सिम्पटम्स क्लियर नहीं होते और नॉर्मल थकान जैसे लग सकते हैं. हालांकि, एक छोटा सा लीक भी हार्ट पर स्ट्रेस डाल सकता है और कॉम्प्लीकेशन्स का रिस्क बढ़ा सकता है. हार्ट की लॉन्ग-टर्म हेल्थ को बचाने के लिए यह जानना जरूरी है कि कब एक्शन लेना है.
Published at : 05 Aug 2025 08:56 AM (IST)
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