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जानिए, चीन की राजधानी शंघाई पर बने इस विलुप्त गांव के बारे में, देखें तस्वीरें

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 तस्वीर में जो आप देख रहे हैं वो चीन का एक गांव है. यह गांव पूरी तरह से हरा-भरा है. इसमें आपको घर तक भी हरे-भरे दिखेंगे. इस गांव की खासियत वहां की ग्रीनरी तो है ही साथ ही अच्छी मात्रा में मछलियों का होना भी है. यह गांव चीन की राजधानी शंघाई के पूर्वी द्वीप पर स्थित है. इस गांव का नाम Houstouwan है. तस्वीर: एफपी
तस्वीर में जो आप देख रहे हैं वो चीन का एक गांव है. यह गांव पूरी तरह से हरा-भरा है. इसमें आपको घर तक भी हरे-भरे दिखेंगे. इस गांव की खासियत वहां की ग्रीनरी तो है ही साथ ही अच्छी मात्रा में मछलियों का होना भी है. यह गांव चीन की राजधानी शंघाई के पूर्वी द्वीप पर स्थित है. इस गांव का नाम Houstouwan है. तस्वीर: एफपी
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तस्वीर में आप इस गांव की खूबसूरती को देख सकते हैं. तस्वीर: एफपी
तस्वीर में आप इस गांव की खूबसूरती को देख सकते हैं. तस्वीर: एफपी
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वो आगे बताते हैं कि जब यहां से लोग चले गए थे तब उन्होंने पत्ता गोभी, तुलसी, फूलगोभी के पेड़ लगाने की शुरुआत की थी. वे 1300 वर्ग मीटर में खेती करते हैं. उनका कहना है कि कुछ लोगों को डर लगता है और वो कहते हैं कि यहां भूत रहते हैं. तस्वीर: एफपी
वो आगे बताते हैं कि जब यहां से लोग चले गए थे तब उन्होंने पत्ता गोभी, तुलसी, फूलगोभी के पेड़ लगाने की शुरुआत की थी. वे 1300 वर्ग मीटर में खेती करते हैं. उनका कहना है कि कुछ लोगों को डर लगता है और वो कहते हैं कि यहां भूत रहते हैं. तस्वीर: एफपी
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गांव के एक निवासी लिन फाज़हेन यहां पर साल 1984 से एक शॉप चला रहे हैं. साथ ही वो सिग्रेट, शराब, मछली, बिस्कुट और फल सप्लाई करते रहे हैं. लिन 60 साल के हैं. वो इस तस्वीर में कैप लगाए हुए हैं और वो अपनी पड़ोसी के साथ कहीं जाते दिखाई दे रहे हैं. तस्वीर: एपी
गांव के एक निवासी लिन फाज़हेन यहां पर साल 1984 से एक शॉप चला रहे हैं. साथ ही वो सिग्रेट, शराब, मछली, बिस्कुट और फल सप्लाई करते रहे हैं. लिन 60 साल के हैं. वो इस तस्वीर में कैप लगाए हुए हैं और वो अपनी पड़ोसी के साथ कहीं जाते दिखाई दे रहे हैं. तस्वीर: एपी
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इस तस्वीर को ड्रोन के द्वारा खींचा गया है. बता दें कि इस गांव में 600 परिवार रहते थे. लेकिन सड़के और पर्याप्त सुविधा ना होने की वजह से वो यहां से जा चुके हैं. तस्वीर: एपी
इस तस्वीर को ड्रोन के द्वारा खींचा गया है. बता दें कि इस गांव में 600 परिवार रहते थे. लेकिन सड़के और पर्याप्त सुविधा ना होने की वजह से वो यहां से जा चुके हैं. तस्वीर: एपी
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बता दें कि दुनिया में चीन अपनी फिशरीस के लिए मशहूर है. लेकिन, मछलियों के रख-रखाव में उसका कोई नियंत्रण नहीं हैं. इस बात पर वांग यी बताते हैं कि 90 के दशक में चीन ने सीजनल मछली पकड़ने वालों पर रोक लगई थी.  तस्वीर: एपी
बता दें कि दुनिया में चीन अपनी फिशरीस के लिए मशहूर है. लेकिन, मछलियों के रख-रखाव में उसका कोई नियंत्रण नहीं हैं. इस बात पर वांग यी बताते हैं कि 90 के दशक में चीन ने सीजनल मछली पकड़ने वालों पर रोक लगई थी. तस्वीर: एपी
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इस गांव में हुआंग डान नाम की लड़की अपना वीकेंड मनाने यहां पहुंची थी. वो 22 साल की स्टूडेंट है. हुआंग इस दृश्य को अपने कैमरे में कैद कर लेना चाहती थीं. उन्होंने कहा कि इसे देखकर ऐसा लगता है कि यहां से नेचर की शुरुआत हुई हो. इसे पुराने आक्रामणकारियों ने छोड़ा है और प्रकृति ने आखिरकार इसे वापिस किया. तस्वीर: एपी
इस गांव में हुआंग डान नाम की लड़की अपना वीकेंड मनाने यहां पहुंची थी. वो 22 साल की स्टूडेंट है. हुआंग इस दृश्य को अपने कैमरे में कैद कर लेना चाहती थीं. उन्होंने कहा कि इसे देखकर ऐसा लगता है कि यहां से नेचर की शुरुआत हुई हो. इसे पुराने आक्रामणकारियों ने छोड़ा है और प्रकृति ने आखिरकार इसे वापिस किया. तस्वीर: एपी
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इस द्वीप पर बसे गांव एक तरह से पर्यटकों के लिए टूरिस्ट प्लेस हैं. खास बात यह है कि इस गांव में बने घरों से समुद्र की झलक देखने को मिल जाती है. तस्वीर: एफपी
इस द्वीप पर बसे गांव एक तरह से पर्यटकों के लिए टूरिस्ट प्लेस हैं. खास बात यह है कि इस गांव में बने घरों से समुद्र की झलक देखने को मिल जाती है. तस्वीर: एफपी
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इस गांव में आने वाले पर्यटक पहले नांव के जरिए शेंगशान पर आते हैं फिर टैक्सी से पहाड़ियो पर पहुंचते हैं. ऐसा उन्हें इसलिए करना पड़ता है ताकि उन्हें गांव का शानदार नज़ारा आसानी से दिख सके. तस्वीर: एफपी
इस गांव में आने वाले पर्यटक पहले नांव के जरिए शेंगशान पर आते हैं फिर टैक्सी से पहाड़ियो पर पहुंचते हैं. ऐसा उन्हें इसलिए करना पड़ता है ताकि उन्हें गांव का शानदार नज़ारा आसानी से दिख सके. तस्वीर: एफपी

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