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जानें, रूस से खरीदी गई S-400 ट्रायम्फ मिसाइल सिस्टम की 10 बड़ी बातें
Written By : एबीपी न्यूज़ | Updated at :
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एस 400 मिसाइल सिस्टम एस-300 सीरीज का एडवांस वर्जन है. इसकी रेंज 400 किलोमीटर और ऊंचाई 30 किलोमीटर की है. भारत के पास अभी ऐसी सिर्फ दो मिसाइलें बराक और आकाश हैं. दोनों की रेंज 100 किमी से ज्यादा नहीं है. ऐसे में भारत की ताकत में बहुत ज़्यादा इजाफा होगा. तस्वीर: एपी
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अमेरिका के प्रवक्ता ने ये भी कहा, "काटसा कानून के सेक्शन 231 के मुताबिक ये उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है जो अपनी क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रहे हों. इसमें एस- 400 एयर एंड मिसाइल डिफेंस सिस्टम शामिल है (क्योंकि ये गुणात्मक क्षमता बढ़ाने में अहम साबित होगा)." तस्वीर: एपी
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हाल ही में अमेरिका ने अपने दुश्मनों पर लगाम लगाने के लिए 'काउंटरिंग अमेरिकाज़ एडवर्सरी थ्रू सैंक्शंस एक्ट' (CAATSA- काटसा) पास किया है. अमेरिका के इस घरेलू कानून का मतलब और अभिप्राय ये है कि वो इसके तहत अपने दुश्मनों पर पाबंदियां लगाकर उनकी लगाम टाइट कर सके. इस कानून के तहत अमेरिका ऐसे किसी भी देश पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने को तैयार और सक्षम है जो रूस, ईरान और नॉर्थ कोरिया जैसे देशों के साथ व्यापार को बढ़ावा देते हों. तस्वीर: एपी
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इस करार से एक दिन पहले अमेरिका ने मित्र और सहयोगी देशों से अपील करते हुए कहा था कि रूस के साथ ऐसा कोई समझौता न करें जो काटसा कानून का उल्लंघन करते हों. तस्वीर: एपी
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भारत-रूस के बीच हुए करार को लेकर एयरफोर्स चीफ बीएस धनोआ ने कहा, एस-400 मिसाइल सिस्टम भारतीय एयरफोर्स के लिए एक बूस्टर शॉट की तरह रहने वाली है. इसके साथ ही भारत को पड़ोसी देशों की ओर से आने वाले खतरों के लिए तैयरा रहने की भी ज़रुरत है. भारत के मुकाबले में पाकिस्तान के पास 20 से ज्यादा लड़ाकू विमान हैं और बड़ी संख्या में चीन से आयात किए हुए जे-17 फाइटर प्लेन भी शामिल है. तस्वीर: एपी
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साल 2007 में पहली बार एस-400 मिसाइल सिस्टम को डिफेंस के इस्तेमाल में लाया गया. तस्वीर: एपी
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रशियन सरकार के अंतर्गत आने वाले अल्माज सेंट्रल डिजाइन ब्यूरो ने इसे विकसित किया है. एस -400 ट्रायमफ को उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन या नाटो द्वारा एसए -21 ग्रोलर के रूप में जाना जाता है. तस्वीर: एपी
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इस मिसाइल में लगा रडार 600 किलोमीटर के टारगेट को भी आसानी से ट्रेक कर सकता है. तस्वीर: एपी
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एस-400 सिस्टम लगभग हर प्रकार के एडवांस लड़ाकू विमानों को अपने आगे व्यस्त रख सकती है. इसके रहते एडवांस जेट फाइटर प्लेन को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. तस्वीर: एपी
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दुनिया की ऐसी मिसाइल्स में से एक है जो काफी दूरी तक दुश्मनों के ठिकानों और क्रूज, बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाकर उसे तबाह कर सकती है. तस्वीर: एपी
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यह मिसाइल जमीन से हवा में मार करने में सक्षम है जो पलक झपकते ही दुश्मनों को जवाब देने में कारगर है. तस्वीर: एपी
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भारत-रूस द्विपक्षीय मीट में करीब 5.2 बिलियन डॉलर यानी 39,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले पांच एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम डील को हरी झंडी मिली है. यह डील पीएम मोदी और रशियन राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शुक्रवार को हुई. वहीं, इससे पहले बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि जो भी रूस- करेगा वो काटसा एक्ट झेलने के लिए तैयार रहे. वहीं पिछले कई दशकों से रशिया डिफेंस सामानों की सप्लाई भारत को करता रहा है. तस्वीर: एपी
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