तस्वीर में दिख रही चार साल की बच्ची का नाम असल अहमद है.
1/10
तब से लेकर अबतक देश के जर्रे-जर्रे ने इसकी कीमत चुकाई है. हालिया तौर पर देश की कमज़ोर सत्ता से ऐसी कोई उम्मीद नहीं है कि वो देश में शांति बहाल कर पाएगी.
2/10
सद्दाम को सत्ता से बेदख्ल करने के लिए अमेरिका और पश्चिमी देशों ने इराक पर 13 साल पहले हमला किया था.
3/10
इसका खामियाज़ा ऐसी नन्हीं से जानों को भुगतना पड़ रहा है जिनका इससे कोई लेना-देना नहीं है.
4/10
ईराकी सरकार और ईरान के शिया मिलिशिया के बीच ईराक की सत्ता को लेकर लड़ाई चल रही है.
5/10
लेकिन ईद के मौके पर हुए इस धमाके को सबसे बड़ा धमाका बताया जा रहा है.
6/10
13 साल से युद्ध और गृहयुद्ध की मार झेल रहे ईराक में ऐसे कई धमाके हुए हैं.
7/10
ईद के मौके पर बाज़ार से सामान लाने निकली असल और उसकी मां का शरीर धमाके से बुरी तरह झुलस गया.
8/10
असल के पिता जहां उसे लेकर खड़े हैं, वहीं पर एक ट्रक में रखे विस्फोटक से ये आत्मघाती हमला किया गया था.
9/10
तस्वीर में दिख रही चार साल की बच्ची का नाम असल अहमद है.
10/10
असल के चेहरे का ये हाल बीते 9 जुलाई को ईराक में हुए आत्मघाती हमले की वजह से हुआ है.