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सबसे पहले किसने और क्यों छापी थी कागजी मुद्रा, 99% लोग नहीं जानते होंगे सही जवाब
कागजी मुद्रा कोई अचानक हुआ आविष्कार नहीं था, बल्कि व्यापार की मजबूरी से जन्मी जरूरत थी. आइए जानें कि किस देश की सोच आज पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था चला रही है.
आज हमारी जेब में रखा कागज का नोट जितना आम लगता है, उतना ही रहस्यमय उसका इतिहास भी है. क्या आपने कभी सोचा है कि सबसे पहले इंसान ने सिक्कों को छोड़कर कागज पर भरोसा क्यों किया? आखिर किस देश ने पहली बार यह जोखिम उठाया कि एक कागज का टुकड़ा पूरे व्यापार को चला सके? आइए विस्तार से समझ लेते हैं.
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शुरुआती दौर में दुनिया भर में व्यापार धातु के सिक्कों से होता था. तांबे, चांदी और सोने के सिक्के ही लेन-देन का आधार थे, लेकिन जैसे-जैसे व्यापार बढ़ा, खासकर लंबी दूरी के व्यापार में, भारी सिक्कों को ढोना बड़ी समस्या बन गया.
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चीन जैसे विशाल देश में व्यापारियों को सैकड़ों किलो सिक्के साथ लेकर चलने पड़ते थे, जिससे समय, मेहनत और सुरक्षा तीनों का संकट खड़ा हो गया. इस समस्या का सबसे पहले समाधान चीन में निकाला गया. सातवीं शताब्दी में तांग राजवंश के समय व्यापार अपने चरम पर था.
Published at : 08 Jan 2026 09:10 AM (IST)
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