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Girls Start Wearing Skirts: कहां से हुई थी लड़कियों के स्कर्ट पहनने की शुरुआत? कुछ ऐसा है इसका इतिहास

Girls Start Wearing Skirts: स्कर्ट महिलाओं के परिधान का प्रमुख हिस्सा है. महिलाएं अपनी इच्छा के अनुसार मिनी स्कर्ट, लॉन्ग स्कर्ट और मिडी कैरी करती हैं. लेकिन स्कर्ट का इतिहास आ नहीं जानते होंगे.

Girls Start Wearing Skirts: स्कर्ट महिलाओं के परिधान का प्रमुख हिस्सा है. महिलाएं अपनी इच्छा के अनुसार मिनी स्कर्ट, लॉन्ग स्कर्ट और मिडी कैरी करती हैं. लेकिन स्कर्ट का इतिहास आ नहीं जानते होंगे.

Girls Start Wearing Skirts: महिलाओं के फैशन दिन-ब-दिन बदलते रहते हैं. कभी जींस, गाउन, मिडी ड्रेसेस, बिकिनी, साड़ी, सूट और स्कर्ट ये सब काफी पहले से प्रचलन में बने हुए हैं. लड़कियां खूबसूरत दिखने के लिए स्कर्ट पहनती हैं. स्कर्ट को स्कूल की यूनिफॉर्म से लेकर बाद में कहीं घूमने जाने पर भी पहना जाता है. ये देखने में बहुत खूबसूरत लगती है और लड़कियां इसे पहनने के बाद काफी कॉन्फिडेंट महसूस करती हैं. लेकिन स्कर्ट का इतिहास आप नहीं जानते होंगे. इससे आपको रूबरू कराते हैं.

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स्कर्ट पश्चिमी यूरोप और अमेरिका में महिलाओं के लिए वॉर्डरोब का एक जरूरी हिस्सा बन गई. हालांकि भारत में भी इसे महिलाएं खूब पहनती हैं और स्कर्ट उनकी पसंदीदा है.
स्कर्ट पश्चिमी यूरोप और अमेरिका में महिलाओं के लिए वॉर्डरोब का एक जरूरी हिस्सा बन गई. हालांकि भारत में भी इसे महिलाएं खूब पहनती हैं और स्कर्ट उनकी पसंदीदा है.
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स्कर्ट का इतिहास प्राचीन मिस्र में सदियों पुराना है. दिलचस्प बात यह है कि पहले स्कर्ट वास्तव में पुरुषों द्वारा पहनी जाती थी. ये साधारण कपड़ा लपेटने वाले के समान थे, जिसे कमर पर बेल्ट से बांधा जाता था.
स्कर्ट का इतिहास प्राचीन मिस्र में सदियों पुराना है. दिलचस्प बात यह है कि पहले स्कर्ट वास्तव में पुरुषों द्वारा पहनी जाती थी. ये साधारण कपड़ा लपेटने वाले के समान थे, जिसे कमर पर बेल्ट से बांधा जाता था.
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यह स्कर्ट स्थानीय सामग्री से बनाई गई थी, जैसे कि लिनेन. यह हल्की और हवादार थी, जो मिस्र के गर्म और नमी के मौसम के लिए परफेक्ट थी. सबसे अमीर और सबसे प्रभावशाली लोग हल्की और पतली स्कर्ट पहनते थे, जबकि श्रमिक और मजदूर ज्यादातर सूती लंगोट पहनते थे.
यह स्कर्ट स्थानीय सामग्री से बनाई गई थी, जैसे कि लिनेन. यह हल्की और हवादार थी, जो मिस्र के गर्म और नमी के मौसम के लिए परफेक्ट थी. सबसे अमीर और सबसे प्रभावशाली लोग हल्की और पतली स्कर्ट पहनते थे, जबकि श्रमिक और मजदूर ज्यादातर सूती लंगोट पहनते थे.
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1950 के दशक में ए-लाइन लुक वाली बड़ी स्कर्ट और डायर की एच-लाइन वाली पेंसिल स्कर्ट को पश्चिमी दुनिया की महिलाओं ने अपनाया. हालांकि असली क्रांति अगले दशक में, 1960 के दशक में मैरी क्वांट की मिनीस्कर्ट के साथ हुई.
1950 के दशक में ए-लाइन लुक वाली बड़ी स्कर्ट और डायर की एच-लाइन वाली पेंसिल स्कर्ट को पश्चिमी दुनिया की महिलाओं ने अपनाया. हालांकि असली क्रांति अगले दशक में, 1960 के दशक में मैरी क्वांट की मिनीस्कर्ट के साथ हुई.
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तब पहली बार महिलाओं को अपनी स्कर्ट की लंबाई चुनने की आजादी दी गई, लेकिन मिनी स्कर्ट की लंबाई बनी रही. उस समय से मिनी स्कर्ट भी कई महिलाओं की वॉर्डरोब का हिस्सा बन गई.
तब पहली बार महिलाओं को अपनी स्कर्ट की लंबाई चुनने की आजादी दी गई, लेकिन मिनी स्कर्ट की लंबाई बनी रही. उस समय से मिनी स्कर्ट भी कई महिलाओं की वॉर्डरोब का हिस्सा बन गई.
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1970 के दशक से लेकर अब तक, एक भी प्रकार का फैशन और स्कर्ट की लम्बाई लम्बे समय तक हावी नहीं रही है.
1970 के दशक से लेकर अब तक, एक भी प्रकार का फैशन और स्कर्ट की लम्बाई लम्बे समय तक हावी नहीं रही है.
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मिनी, शॉर्ट और टखने तक की लम्बाई वाली स्कर्ट हाई स्ट्रीट में एक साथ दिखाई देती हैं और महिलाओं की ये फेवरेट है.
मिनी, शॉर्ट और टखने तक की लम्बाई वाली स्कर्ट हाई स्ट्रीट में एक साथ दिखाई देती हैं और महिलाओं की ये फेवरेट है.

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