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War Impact On Environment: जंग से पर्यावरण को कितना पहुंचता है नुकसान? मिडिल ईस्ट तनाव के बीच जान लें जवाब
War Impact On Environment: मिडिल ईस्ट में चल रही जंग का असर पर्यावरण पर भी पड़ रहा है. आइए जानते हैं अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही यह जंग इकोसिस्टम को कैसे तबाह कर रही है.
War Impact On Environment: मिडिल ईस्ट में चल रही जंग का असर सिर्फ मानवीय और भू राजनीतिक नुकसान पर ही नहीं पड़ रहा है. इसका बूरा असर पर्यावरण को भी झेलना पड़ रहा है. युद्ध सिर्फ शहरों और इंसानी जानों को ही तबाह नहीं करता, बल्कि यह हवा, पानी, मिट्टी और इकोसिस्टम और लंबे समय तक रहने वाले गहरे जख्म भी छोड़ जाता है. आइए जानते हैं कि इस जंग का असर पर्यावरण पर कैसे पड़ रहा है.
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मिलिट्री ऑपरेशन जीवाश्म ईंधनों पर काफी ज्यादा निर्भर होते हैं. टैंक, लड़ाकू विमान, नौसैनिक जहाज और लॉजिस्टिक्स चेन रोजाना भारी मात्रा में ईंधन जलाते हैं. सिर्फ एक लड़ाकू विमान का मिशन उतना कार्बन उत्सर्जित कर सकता है जितना हजारों गाड़ियां करती हैं. यह सीधे तौर पर ग्लोबल वार्मिंग में योगदान देता है.
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बमों और मिसाइलों के धमाकों से सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें, साथ ही सीसा और पारा जैसी भारी धातु में हवा में फैल जाती हैं. जब इंडस्ट्रियल जोन, तेल डिपो या फिर रासायनिक संयंत्र पर हमला होता है तो यह प्रदूषण नदियों और भूजल में रिस जाते हैं.
Published at : 27 Mar 2026 08:19 AM (IST)
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मेघा प्रसादसीनियर एडिटर (पॉलिटिकल अफेयर्स)
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