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कहां से शुरू हुई नहाने की परंपरा? सर्दियों में पानी से डरने वाले जान लें जवाब
History Of Bathing: नहाना हमेशा रोज की आदत ही नहीं थी, बल्कि समय और मौसम की देन रहा है. सर्दियों में हफ्तों न नहाने वाले और पानी से डरने वाले लोगों को इस आर्टिकल को जरूर पढ़ना चाहिए.
रोज नहाना साफ-सफाई और शिष्टाचार का हिस्सा माना जाता है, लेकिन उत्तर भारत में जब कड़ाके की सर्दी पड़ती है और कोहरे से बाहर कुछ दिखाई नहीं देता है, पानी छूने पर ऐसा लगता है कि मानों हाथ जम जाएंगे…ऐसी स्थिति में कुछ लोग रोज नहाने से कतराते हैं. कई बार तो वे नहाने से इस कदर डरते हैं कि हफ्तों बगैर स्नान के रहते हैं. ऐसे में सवाल यह है कि नहाने की परंपरा आखिर शुरू कहां से हुई और कब इसे रोजमर्रा की जरूरत माना जाने लगा.
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Hirdesh Kumar Singh
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