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‘आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने’, नाना पाटेकर का वो यादगार सीन, जिसके डायलॉग कभी स्क्रिप्ट में नहीं थे, जानें कैसे हुआ शूट
आज हम आपको नाना पाटेकर का सीन ‘आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने’ के पीछे की कहानी आपको बताने जा रहे हैं. जिसे जानकर आप भी दंग रह जाएंगे.
नाना पाटेकर बॉलीवुड के उन कलाकारों में शुमार हैं जो ना सिर्फ अपने अभिनय बल्कि अपनी विचारधारा और समाजसेवा के लिए भी जाने जाते हैं. फिल्म ‘क्रांतिवीर’ में नाना पाटेकर के अभिनय ने ना सिर्फ दर्शकों को सन्न कर दिया था बल्कि ये फिल्म नाना की सबसे बेहतरीन फिल्मों में शुमार की जाती है. इस फिल्म के क्लाइमैक्स सीन को आज भी लाखों लोग अपने फेवरेट मानते हैं. इसके पीछे भी एक खास किस्सा है. आज आपको बताएंगे कि आखिर इस फिल्म के हिट क्लाइमैक्स के पीछे का क्या राज है.
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दरअसल अहम बात ये हैं कि जब इस फिल्म की शूटिंग चल रही थी तो इस फिल्म का क्लाइमैक्स सीन राइटर ने लिखा ही नहीं था. नाना पाटेकर अस्पताल से निकलकर सीधे शूटिंग स्पॉट पर पहुंचे थे और जो मन में आया बोलते चले गए. बिना कुछ सोचे समझे नाना पाटेकर ने मन से इस सीन का पूरा किया था.
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साल 1994 में आई नाना पाटेकर, डिंपल कपाड़िया की ये फिल्म सुपरहिट साबित हुई थी. इस फिल्म में सामाजिक कुरीतियों को लेकर एक नौजवान का अनोखा प्वाइंट ऑफ व्यू दिखाया गया है. जो सिर्फ अपनी बातों से ही क्रांति पैदा कर सकता है.
Published at : 21 Jul 2024 07:47 PM (IST)
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