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असली और नकली पुखराज रत्न की पहचान कैसे करें? जानिए धारण करने से पहले ध्यान रखने योग्य नियम
Gemstones: रत्न शास्त्र एक ऐसा ज्योतिषीय विज्ञान है जो ग्रहों की स्थिति के अनुसार रत्नों को धारण करने की सलाह देता है. ऐसे पुखराज रत्न पहचान कर न पहना तो लाभ नहीं होगा, इन तरीकों से करें पहचान.
पुखराज रत्न की पहचान कैसे करें.
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पुखराज बृहस्पति ग्रह से जुड़ा एक बहुमूल्य और मूल्यवान रत्न है. इसे ज्योतिष में ज्ञान, धन, स्वास्थ्य, विवाह, समृद्धि और मान-सम्मान का कारक माना जाता है. यह आमतौर पर पीले रंग का होता है, जो हल्के नींबू जैसे पीले से लेकर गहरे सुनहरे पीले तक हो सकता है.
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ऐसे में अगर आप असली पुखराज नहीं पहनते हैं तो लाभ की जगह हानि हो सकती है. खासकर यदि यह नकली हो या सही ज्योतिषीय सलाह के बिना पहना जाए. इसके कारण नकारात्मक ऊर्जा, स्वास्थ्य संबंधी समस्या, आर्थिक नुकसान और रिश्तों में तनाव हो सकता है. इसलिए असली और नकली पुखराज के बीच पहचान करना बेहद जरूरी है.
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असली पुखराज का रंग हल्का पीला से लेकर गहरा सुनहरा तक होता है और यह एक जैसा ही होता है. इसमें कोई हरा या भूरा रंग नहीं होना चाहिए.
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पुखराज बहुत स्पष्ट होता है, लेकिन इसमें कुछ प्राकृतिक आंतरिक दरारें या समावेशन हो सकते हैं, जो इसे असली होने का संकेत देते हैं. अगर पत्थर में कोई भी समावेशन नहीं है या बहुत ज़्यादा बुलबुले दिख रहे हैं, तो वह नकली हो सकता है.
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असली पुखराज में एक प्राकृतिक और रेशमी चमक होती है, जो प्रकाश को शानदार ढंग से परावर्तित करती है. प्रकाश की अलग-अलग दिशाओं में देखने पर, यह दो अलग-अलग रंग दिखाता है. जो एक प्राकृतिक रत्न का महत्वपूर्ण संकेत है.
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असली पुखराज वजन में भारी महसूस होता है. वजन के हिसाब से भी इसकी पहचान की जा सकती है, असली पुखराज का वजन नकली पुखराज की तुलना में अधिक होता है.
Published at : 16 Nov 2025 08:00 AM (IST)
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