दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट की रैंकिंग हुई जारी, अमेरिका नहीं ये देश बना नंबर 1, भारत को झटका, पाक का क्या स्थान?
Indian Passport Ranking: नोमैड कैपिटलिस्ट पासपोर्ट इंडेक्स 2025 में आयरलैंड का पासपोर्ट पहले स्थान पर आया है. पाकिस्तान का पासपोर्ट हमेशा की तरह दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट में शामिल है.

Indian Passport Ranking: टैक्स और इमिग्रेशन कंसल्टेंसी नोमैड कैपिटलिस्ट ने दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट की रैंकिंग जारी कर दी है. इस बार आयरलैंड का पासपोर्ट पहले नंबर पर आया है. यह पहली बार है जब आयरलैंड ने इस रैंकिंग में टॉप किया है.
इस लिस्ट में 199 देशों के पासपोर्ट का विश्लेषण किया गया है, जिसमें भारत का पासपोर्ट भी शामिल है. हालांकि, भारत की रैंकिंग पहले से और नीचे चली गई है. दूसरी ओर पाकिस्तान का पासपोर्ट हमेशा की तरह दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट में गिना गया है.
पासपोर्ट की रैंकिंग कैसे तय होती है?
सीएनबीसी के मुताबिक, नोमैड कैपिटलिस्ट का तरीका बाकी रैंकिंग से अलग है. आमतौर पर पासपोर्ट की ताकत सिर्फ इस आधार पर मापी जाती है कि वह कितने देशों में वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा देता है लेकिन नोमैड पासपोर्ट इंडेक्स हर साल यह भी देखता है कि दुनिया में देशों का प्रभाव कैसे बदल रहा है.
नोमैड कैपिटलिस्ट पांच बड़े कारकों के आधार पर पासपोर्ट की रैंकिंग तय करता है:
- वीजा-मुक्त यात्रा – 50%
- कर प्रणाली (टैक्स) – 20%
- दुनिया में देश की छवि – 10%
- दोहरी नागरिकता की सुविधा – 10%
- निजी स्वतंत्रता – 10%
इन सभी बातों को ध्यान में रखकर हर साल पासपोर्ट की ताकत को मापा जाता है.
कैसे तय होती है पासपोर्ट की रैंकिंग?
नोमैड कैपिटलिस्ट पासपोर्ट की ताकत का मूल्यांकन करने के लिए 199 देशों और क्षेत्रों के सरकारी डेटा, रीयल-टाइम खुफिया जानकारी और रिसर्च पर निर्भर करता है. पासपोर्ट की रैंकिंग तय करने के लिए मोबिलिटी स्कोर का इस्तेमाल किया जाता है, जो यह दर्शाता है कि किसी पासपोर्ट से यात्रा करना कितना आसान है. इसमें कई बातें शामिल होती हैं जैसे:
- वीजा-मुक्त यात्रा
- आगमन पर वीजा (वीजा ऑन अराइवल)
- ईटीए (इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल अथॉराइजेशन)
ई-वीजा की सुविधा इसके अलावा हर देश की कर प्रणाली (टैक्स सिस्टम) को भी जांचा जाता है और 10 से 50 अंकों के बीच स्कोर दिया जाता है. इस तरह यह तय किया जाता है कि कौन-सा पासपोर्ट सबसे ज्यादा ताकतवर है.
आयरलैंड का पासपोर्ट नंबर 1 कैसे बना?
नोमैड कैपिटलिस्ट पासपोर्ट इंडेक्स 2025 ने 199 देशों का विश्लेषण करने के बाद आयरलैंड को 109 के नोमैड पासपोर्ट स्कोर के साथ पहला स्थान दिया. पिछले साल आयरलैंड स्विट्जरलैंड से पीछे रह गया था, लेकिन इस साल फिर से नंबर 1 पर आ गया. इससे पहले 2020 में आयरलैंड ने लक्ज़मबर्ग और स्वीडन के साथ मिलकर पहला स्थान हासिल किया था. नोमैड कैपिटलिस्ट के शोध सहयोगी जेवियर कोरेया ने CNBC ट्रैवल को बताया कि आयरलैंड को यह बढ़त तीन कारणों से मिली:
- मजबूत अंतरराष्ट्रीय छवि (ग्लोबल रेप्युटेशन)
- व्यापार के लिए अनुकूल कर नीति
- लचीली नागरिकता नीति
इन्हीं वजहों से आयरलैंड का पासपोर्ट इस साल फिर से दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट बन गया.
2025 में दुनिया के सबसे मजबूत और सबसे कमजोर पासपोर्ट
नोमैड कैपिटलिस्ट इंडेक्स 2025 के मुताबिक, आयरलैंड का पासपोर्ट दुनिया में सबसे मजबूत माना गया है. आयरिश नागरिकों को पूरे यूरोपीय संघ और खासकर यूके में बिना किसी रुकावट के रहने और काम करने की छूट मिलती है, जो इसकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है. टॉप 10 सबसे मजबूत पासपोर्ट वाले देश इस तरह हैं: आयरलैंड (1वां स्थान), स्विट्जरलैंड (2वां), ग्रीस (2वां),पुर्तगाल (4),माल्टा (5वां), इटली (5वां), लक्जमबर्ग (7वां), फिनलैंड (7वां), नॉर्वे (7वां), संयुक्त अरब अमीरात, न्यूजीलैंड, और आइसलैंड (तीनों 10वें स्थान पर). ये देश पासपोर्ट की ताकत के मामले में सबसे ऊपर हैं, क्योंकि इनके नागरिकों को ज्यादा स्वतंत्रता, वीजा-मुक्त यात्रा और बेहतर टैक्स नीतियां मिलती हैं.
पाकिस्तान का पासपोर्ट फिर सबसे कमजोर
नोमैड कैपिटलिस्ट पासपोर्ट इंडेक्स 2025 में संयुक्त राज्य अमेरिका को सैन मैरिनो के साथ 45वां स्थान मिला है. वहीं, सबसे कमजोर पासपोर्ट की लिस्ट में पाकिस्तान, इराक, इरिट्रिया, यमन और अफगानिस्तान सबसे नीचे हैं. इनकी रैंकिंग 195 से 199 के बीच आई है, यानी ये दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट माने गए हैं.
भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग
नोमैड कैपिटलिस्ट पासपोर्ट इंडेक्स 2025 में भारत को 148वां स्थान मिला है, जो उसने कोमोरोस के साथ साझा किया. भारत को कुल 47.5 अंक मिले, जो इस तरह हैं:
- कर प्रणाली (टैक्स) – 20 अंक
- वैश्विक धारणा (इमेज) – 20 अंक
- दोहरी नागरिकता की सुविधा – 20 अंक
- व्यक्तिगत स्वतंत्रता – 20 अंक
पिछले साल भारत मोज़ाम्बिक के साथ 147वें स्थान पर था, यानी इस साल इसकी रैंकिंग थोड़ी गिर गई है. इसके अलावा हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में भी भारत की रैंकिंग 80वें स्थान से गिरकर 85वीं हो गई है. यह इंडेक्स अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (IATA) के डेटा पर आधारित होता है.
Source: IOCL






















