समंदर से उठेगी तबाही: रूस का ‘कयामत का हथियार’ मिनटों में मिटा सकता है कई शहर
Russia Poseidon: पोसीडॉन को समुद्र के नीचे ऐसा धमाका करने के लिए तैयार किया गया है, जिससे 500 मीटर तक ऊंची सुनामी उठ सकती है. यह ऊंचाई एफिल टावर से भी ज्यादा बताई जाती है.

दुनिया के ज्यादातर हथियार जमीन या आसमान से हमला करते हैं, लेकिन रूस ने एक ऐसा हथियार बनाया है जो समुद्र की गहराइयों से तबाही लाने की ताकत रखता है. इस हथियार का नाम है पोसीडॉन (Poseidon), जिसे रूस का 'कयामत का हथियार' कहा जा रहा है. यह कोई आम टॉरपीडो नहीं, बल्कि परमाणु ऊर्जा से चलने वाला एक खास ड्रोन है, जो पूरे के पूरे तटीय इलाकों को खत्म कर सकता है.
पोसीडॉन को समुद्र के नीचे ऐसा धमाका करने के लिए तैयार किया गया है, जिससे 500 मीटर तक ऊंची सुनामी उठ सकती है. यह ऊंचाई एफिल टावर से भी ज्यादा बताई जाती है. इससे बड़े-बड़े शहर कुछ ही पलों में पानी में डूब सकते हैं.
क्या है पोसीडॉन या स्टेटस-6?
पोसीडॉन को स्टेटस-6 के नाम से भी जाना जाता है. यह न पूरी तरह पनडुब्बी है और न ही सामान्य टॉरपीडो. यह एक परमाणु ऊर्जा से चलने वाला, खुद से काम करने वाला अंडरवॉटर हथियार है, जो इंसानी कंट्रोल के बिना भी मिशन पूरा कर सकता है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साल 2018 में पहली बार इस हथियार के बारे में दुनिया को बताया था. 2026 तक इसे रूसी नौसेना की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है.
100 मेगाटन का परमाणु धमाका
पोसीडॉन में करीब 100 मेगाटन का परमाणु वारहेड लगा है. अगर यह समुद्र की गहराई में फटता है, तो न्यूयॉर्क और लंदन जैसे बड़े तटीय शहरों को तबाह करने वाली सुनामी पैदा हो सकती है.
पानी भी हो जाएगा जहरीला
इस हमले से आने वाला पानी सामान्य नहीं होगा. यह रेडियोधर्मी और बेहद जहरीला होगा. जो लोग डूबने से बच भी जाएं, वे रेडिएशन की वजह से कुछ ही घंटों में जान गंवा सकते हैं. प्रभावित इलाके हजारों साल तक रहने लायक नहीं रहेंगे.
समुद्र की गहराई में चलता है
पोसीडॉन 1,000 मीटर की गहराई में चल सकता है. इतनी गहराई पर आज की कोई भी आधुनिक निगरानी प्रणाली या रडार इसे आसानी से पकड़ नहीं पाता. परमाणु ऊर्जा से चलने की वजह से इसकी दूरी की कोई तय सीमा नहीं मानी जाती. यह महीनों तक समुद्र के नीचे छिपकर सही मौके का इंतजार कर सकता है.
रोक पाना बेहद मुश्किल
बताया जाता है कि यह हथियार पानी के नीचे Mach 10 से ज्यादा प्रभावी रफ्तार से चल सकता है. फिलहाल अमेरिका या NATO के पास इसे पूरी तरह रोकने वाली कोई पक्की तकनीक नहीं है.
जवाबी परमाणु हमले का हथियार
रूस ने पोसीडॉन को खास तौर पर 'सेकंड स्ट्राइक' के लिए बनाया है. यानी अगर रूस पर परमाणु हमला होता है, तो यह हथियार जवाब में दुश्मन के पूरे तटीय इलाकों को तबाह कर सकता है. इसे ले जाने वाली बेल्गोरोड पनडुब्बी को 2026 तक रूसी नौसेना का सबसे खतरनाक हथियार माना जा रहा है.
Source: IOCL























