Russian-China Spy Girl: अमेरिका के खिलाफ रूस-चीन का 'खूबसूरत' हथियार! जानें क्या है ये शातिराना चाल
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का दावा है कि रूस और चीन अब प्यार के जाल में फंसाकर अमेरिका पर हमला कर रहे हैं. हनीट्रैप, प्यार और धोखे से तकनीकी रहस्य चुराने की यह नई जासूसी जंग अब बेडरूम तक पहुंच चुकी है.

दुनिया में जासूसी अब सिर्फ़ फिल्मों का हिस्सा नहीं रही. अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने खुलासा किया है कि रूस और चीन ने अमेरिका के खिलाफ एक नया युद्ध छेड़ दिया है, जिसमें वे खूबसूरत लड़कियों की मदद से हुस्न के जाल में लोगों को फंसाने का काम कर रही हैं. यह जंग बंदूक या बम से नहीं, बल्कि हुस्न, रोमांस और लालच के जरिए दिमागों पर कब्ज़ा करने की कोशिश है. अमेरिकी नेशनल सिक्योरिटी विशेषज्ञ जेफ स्टॉफ के मुताबिक अब रूस और चीन अमेरिकी वैज्ञानिकों, टेक्नोलॉजी कंपनियों, रक्षा इंजीनियरों और रिसर्च प्रोजेक्ट्स से जुड़े लोगों को हनीट्रैप में फंसाने लगे हैं. यह मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) है, जहां इंसानी इच्छाओं और कमजोरियों को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है.
हनीट्रैप उस तकनीक को कहते हैं जिसमें कोई व्यक्ति आकर्षण, रोमांस या दोस्ती के बहाने टारगेट से गोपनीय जानकारी निकालता है. यह तरीका कई बार शादी या लंबे रिश्ते के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है, जहां असली मकसद प्यार नहीं, बल्कि राज हासिल करना होता है.
सोशल मीडिया बना जासूसों का नया मैदान
ब्रिटिश अख़बार The Sun की रिपोर्ट बताती है कि अमेरिकी अधिकारी जेम्स मल्वेनन को LinkedIn पर कई आकर्षक चीनी महिलाओं से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिलीं, जो बिज़नेस नेटवर्किंग के नाम पर उनसे संपर्क करती थीं. वर्जीनिया में दो चीनी महिलाएं सुरक्षा सम्मेलन में घुसने की कोशिश में पकड़ी गईं. एक अन्य घटना में एक रूसी महिला ने अमेरिकी एयरोस्पेस इंजीनियर से शादी की और अब वह अमेरिकी रक्षा और क्रिप्टो बिजनेस में एक्टिव है उसका पति आज तक उसकी असली पहचान नहीं जान पाया.
चीन का सोशल स्पाई नेटवर्क
अमेरिकी जांच एजेंसियों के अनुसार, चीन ने अपने नागरिकों को ही जासूस बना दिया है. छात्र, व्यापारी, प्रोफेसर, रिसर्चर और निवेशक सभी किसी न किसी रूप में खुफिया मिशनों का हिस्सा हैं. एक अधिकारी के शब्दों में अब हमें किसी कोने में छिपा KGB एजेंट नहीं ढूंढना पड़ता, क्योंकि अब पूरा समाज हमारे खिलाफ काम कर रहा है. अमेरिकी रिपोर्ट्स बताती हैं कि चीन की औद्योगिक जासूसी से हर साल 600 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है. वह इनोवेशन प्रोग्राम और पिच कॉम्पिटीशन के नाम पर अमेरिकी स्टार्टअप्स से उनकी बौद्धिक संपत्ति चुरा रहा है.
रूस और पुरानी रेड स्पाई गर्ल्स
रूस के पास हनीट्रैप का पुराना इतिहास है. सबसे मशहूर नाम एना चैपमैन का है, जिसे 2010 में अमेरिका में जासूसी करते पकड़ा गया था. आज वह मॉस्को में इंटेलिजेंस म्यूज़ियम चलाती है. एक अन्य रूसी एजेंट एलिया रोज़ा ने बताया था कि रूसी सैन्य अकादमियों में लड़कियों को यह सिखाया जाता है कि कैसे पुरुषों को आकर्षित करके उनसे राज उगलवाए जाएं. हाल में लंदन में दो बुल्गारियाई महिलाएं त्वेटेलिना जेंचेवा और त्वेतांका डोनचेवा रूसी जासूसी नेटवर्क से जुड़ी पाई गईं.
अमेरिका की सबसे बड़ी जासूसी घुसपैठ
FBI की रिपोर्ट में चीनी एजेंट फैंग फैंग (Christine Fang) का ज़िक्र सबसे ज्यादा हुआ. उसने 2011 से 2015 के बीच कई अमेरिकी राजनेताओं से रिश्ते बनाए, यहां तक कि कांग्रेस सदस्य एरिक स्वॉलवेल से भी. FBI के पकड़ में आने से पहले ही वह चीन लौट गई. अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसियों का मानना है कि यह जंग अब जानकारी चोरी से कहीं आगे निकल चुकी है. रूस और चीन अब अमेरिकी समाज की मानसिक ढांचे को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. ताकि देश के अंदर से विश्वास, भरोसा और सुरक्षा की भावना कमजोर पड़ जाए.
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