Putin China Visit: भारत नहीं, लेकिन चीन जाएंगे पुतिन, गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद रूसी राष्ट्रपति की होगी पहली विदेश यात्रा
Putin Agrees To China Visit: भारत में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग नहीं ले रहे पुतिन चीन जाने को तैयार हैं. गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद उनका यह पहला विदेशी दौरा होगा.

Putin China Visit: ब्रिक्स के बाद रूस के व्लादिमीर पुतिन भारत में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में भी भाग नहीं ले रहे हैं. उन्होंने युक्रेन युद्ध के कारण भारत में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने से असमर्थता जाहिर की है. दावा किया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) की ओर से पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किये जाने के बाद वह अपने विदेश दौरों से परहेज कर रहे हैं. हालांकि इसी बीच खबर आ रही है कि पुतिन चीन जाने वाले हैं. और गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद पुतिन का यह पहला विदेशी दौरा होगा.
गौरतलब है कि भारत की अध्यक्षता में इस बार जी-20 शिखर सम्मेलन होने जा रहा है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान समेत दुनिया के शीर्ष नेता शामिल होंगे. हालांकि रूसी राष्ट्रपति ने पहले ही पीएम मोदी से बात कर अपने न आने की वजह के बारे में बता दिया है.
गिरफ्तारी के डर से नहीं कर रहे विदेश यात्रा
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय द्वारा कथित युद्ध अपराधों पर उनकी गिरफ्तारी का वारंट जारी होने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा करने पर सहमत हो गए हैं. मामले की जानकारी रखने वाले तीन अधिकारियों के अनुसार, क्रेमलिन अक्टूबर में बेल्ट एंड रोड फोरम के लिए पुतिन की चीन यात्रा की तैयारी कर रहा है. नाम न छपने की शर्त पर अधिकारियों ने कहा कि पुतिन ने इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है.
ब्रिक्स सम्मलेन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जुड़े थे रूसी राष्ट्रपति
बता दें कि मार्च में हेग (नीदरलैंड्स) की अदालत की ओर से वारंट जारी करने के बाद पुतिन रूस से बाहर नहीं गए हैं. उन्होंने हाल ही में साउथ अफ्रीका में आयोजित ब्रिक्स सम्मलेन में भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये भाग लिया. हालांकि पुती के इस फैसले के पीछे माना जा रहा था कि साउथ अफ्रीका के ICC में हस्ताक्षरकर्ता होने के कारण रूसी राष्ट्रपति ने ऐसा किया. दरअसल, उन्हें डर था कि अगर वे ब्रिक्स में भाग लेने जाते हैं तो गिरफ्तार कर लिए जाएंगे. लेकिन भारत के साथ ऐसा नहीं है, भारत ICC का हस्ताक्षरकर्ता नहीं है, फिर भी पुतिन यहां नहीं आ रहे हैं.
पिछले साल बाली भी नहीं गए थे पुतिन
गौरतलब है कि पुतिन पिछले साल बाली में हुए जी-20 सम्मेलन में भी शामिल नहीं हुए थे.दक्षिण अफ़्रीका में ब्रिक्स सम्मलेन और बाली में जी-20 सम्मेलन में पुतिन की जगह विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ शामिल हुए थे. और अब भारत में भी पुतिन की जगह विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ही मौजूद रहेंगे.
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Source: IOCL
























