ईरान और इजरायल के बीच सीजफायर के ऐलान पर रूस का पहला रिएक्शन, कहा- 'अगर ये वास्तव में...'
Iran Israel Ceasefire: क्रेमलिन ने ईरान-इजरायल के बीच हुए सीजफायर का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि यह लंबे समय के लिए होगा. रूस ईरान पर हुए अमेरिकी हमलों की निंदा चुका है.

Russia on Iran Israel Ceasefire: मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच हुए सीजफायर के बाद रूस ने पहला आधिकारिक बयान जारी किया है. क्रेमलिन ने इस सीजफायर का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि यह टिकाऊ यानी कि लंबे समय के लिए होगा. एक दिन पहले ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मास्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी.
युद्ध विराम पर रूस का पहला रिएक्शन
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार (24 जून 2024) को कहा, "अगर वास्तव में युद्ध विराम हो गया है तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए. इस जंग की शुरुआत से ही रूस इस पक्ष में रहा है." यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के दौरान ईरान रूस के सबसे मजबूत सहयोगियों में से एक रहा है. अमेरिका की ओर से रूस के परमाणु स्थल पर किए गए हमलों के बाद रूस ने भी अमेरिकी की निंदा की थी.
पुतिन से मिले ईरान के विदेश मंत्री
पेस्कोव ने कहा, "ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार ( 23 जून 2025) को राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति पर रूस के कदम की तारीफ की."
अमेरिका ने रविवार (22 जून 2025) तड़के ईरान के तीन परमाणु ठिकानों फोर्दो, नतांज और इस्फहान पर हमला किया. इसके बाद ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार को रूस का दौरा किया. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को ईरान को भरोसा दिलाया कि उनका देश इजराइल और ईरान के बीच तनाव घटाने में मदद करेगा.
रूस ने अमेरिकी हमलों की निंदा की
रूस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की है और कहा कि ईरान सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र में मॉस्को के रुख से अवगत है. पुतिन ने कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर ईरान के प्रमुख परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले किये गए हैं. ईरान के साथ हमारे दीर्घकालिक, अच्छे और विश्वसनीय संबंध हैं. हम अपनी ओर से ईरानी लोगों की मदद करने का प्रयास कर रहे हैं."
इससे पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच रूस, ईरान को विभिन्न प्रकार की सहायता दे सकता है, लेकिन यह तेहरान पर निर्भर है कि वह क्या सहायता चाहता है.
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Source: IOCL






















