Russia Volcano: रूस में 600 साल बाद फटा ज्वालामुखी, चिली समेत कई आईलैंड पर सुनामी का अलर्ट; जानें कितना हुआ नुकसान
Russia Volcano: रूस के कामचटका में 600 साल बाद क्रशेनिनिकोव ज्वालामुखी फटा. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह हाल ही में आए भूकंप से जुड़ा हो सकता है.

रूस में शनिवार (2 अगस्त, 2025) को 600 साल बाद एक ज्वालामुखी फट गया. कामचटका प्रायद्वीप में स्थित यह ज्वालामुखी इससे पहले साल 1463 में फटा था. इसकी ऊंचाई 1,856 मीटर है. रूस की सरकारी समाचार एजेंसी RIA नोवोस्ती और वैज्ञानिकों के अनुसार, इस विस्फोट से 6,000 मीटर तक ऊंचा राख का गुबार उठा. ज्वालामुखी फटने से पहले यहां 7.0 तीव्रता का भूकंप भी आया था.
क्रशेनिनिकोव ज्वालामुखी के फटने की वजह से राख का बादल प्रशांत महासागर की ओर बह गया. हालांकि, आसपास के आबादी वाले इलाकों में कोई खतरा नहीं है. रूस के आपातकालीन सेवा मंत्रालय ने इसे ऑरेंज विमानन कोड दिया है, जो यह दर्शाता है कि यह घटना हवाई परिवहन के लिए संभावित खतरा बन सकती है.
क्या यह ज्वालामुखी गतिविधि का कारण बना?
इस विस्फोट की टाइमिंग संयोगवश नहीं लगती. वोल्केनोलॉजिस्ट ओल्गा गिरिना, जो कामचटका ज्वालामुखी प्रतिक्रिया दल की प्रमुख हैं. उनका कहना है कि यह विस्फोट हाल ही में आए भीषण भूकंप से जुड़ा हो सकता है. यह भूकंप इतना शक्तिशाली था कि फ्रेंच पोलिनेशिया और चिली में सुनामी चेतावनी जारी करनी पड़ी. ये क्लुचेवस्कॉय ज्वालामुखी है, जो क्षेत्र का सबसे सक्रिय ज्वालामुखी है. उस में भी विस्फोट हुआ है.
ज्वालामुखी प्रतिक्रिया दल की चीफ ने क्या कहा?
वोल्केनोलॉजिस्ट ओल्गा गिरिना ने कहा कि यह क्रशेनिनिकोव ज्वालामुखी का पहला ऐतिहासिक रूप से विस्फोट है. यह संभवतः हाल के भूकंप से प्रेरित हो सकता है. भूगर्भीय विज्ञान में यह माना जाता है कि जब पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटें हिलती हैं, तब मैग्मा चैंबर्स में दबाव बनता है जिससे ज्वालामुखी एक्टिव हो सकते हैं.
ज्वालामुखी और भूकंप का परस्पर संबंध
भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधि अकसर साथ-साथ होती हैं, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां प्लेट टेक्टोनिक्स बहुत सक्रिय होते हैं. कामचटका प्रायद्वीप भी है, जिसे Pacific Ring of Fire का हिस्सा है. ये दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखीय क्षेत्रों में से एक है.
Source: IOCL





















