'ट्रंप को अब जाना ही होगा', US राष्ट्रपति का वो फैसला, जिसके खिलाफ वाशिंगटन में सड़कों पर उतरे लोग
वाशिंगटन डी.सी. में नेशनल गार्ड की तैनाती के खिलाफ हज़ारों लोग सड़कों पर उतरे. हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शिकागो में भी सैन्य तैनाती की चेतावनी दी है.

वाशिंगटन डी.सी. में शनिवार (6 सितंबर 2025) को हजारों प्रदर्शनकारियों ने We Are All D.C. मार्च निकाला और मांग की कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शहर की सड़कों से नेशनल गार्ड्स को तुरंत हटाएं. प्रदर्शनकारियों में बिना दस्तावेज वाले प्रवासी और फिलिस्तीन का सपोर्ट करने वाले भी शामिल थे. हाथों में पोस्टर लिए लोगों ने नारे लगाए- ट्रंप को अब जाना होगा, डी.सी. को आज़ाद करो और अत्याचार का विरोध करो.
अमेरिका में मचे इतने बवाल के बावजूद राष्ट्रपति ट्रंप का दावा है कि अपराध को रोकने और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए सैनिकों की तैनाती जरूरी है. उन्होंने राजधानी के पुलिस विभाग को भी सीधे संघीय नियंत्रण में ले लिया. सोशल मीडिया पर ट्रंप ने शिकागो में भी नेशनल गार्ड की तैनाती को को लेकर चेतावनी दे दी है. इसके लिए उन्होंने1979 की हॉलीवुड फ़िल्म Apocalypse Now की पैरोडी करते हुए लिखा कि मुझे सुबह-सुबह निर्वासन की गंध बहुत पसंद है. साथ ही उन्होंने शिकागो में भी नेशनल गार्ड भेजने की धमकी दी, जिससे कानूनी विवाद खड़ा हो सकता है.
कानूनी और राजनीतिक टकराव
वाशिंगटन डी.सी. के अटॉर्नी जनरल ब्रायन श्वलब ने सैनिकों की तैनाती रोकने के लिए मुकदमा दायर किया है, जिसे उन्होंने असंवैधानिक और संघीय कानूनों का उल्लंघन बताया. मेयर म्यूरियल बोसर ने ट्रंप के कदम की आलोचना करते हुए कहा कि वह चाहती हैं कि नेशनल गार्ड का मिशन जल्द समाप्त हो. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि अतिरिक्त कानून प्रवर्तन तैनाती के बाद कार चोरी जैसे अपराधों में कमी आई है.
ट्रंप के फैसले पर लोगों की राय क्या है?
कुछ स्थानीय लोग मानते हैं कि नेशनल गार्ड की मौजूदगी से सुरक्षा बढ़ी है और इन्हें कम आय वाले इलाकों में भी तैनात किया जाना चाहिए. वहीं, आलोचकों का कहना है कि यह कदम संघीय अतिक्रमण है और डी.सी. की स्वशासी पहचान को कमजोर करता है.
सेना की भूमिका और आदेश की अवधि
वर्तमान में 6 रिपब्लिकन-नेतृत्व वाले राज्यों से आए 2,000 से ज़्यादा सैनिक डी.सी. में गश्त कर रहे हैं. उनका मिशन कब समाप्त होगा, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन आदेश को 30 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है. विशेष बात यह है कि डी.सी. नेशनल गार्ड सीधे राष्ट्रपति को रिपोर्ट करता है, जबकि अन्य राज्यों की गार्ड .यूनिट राज्यपालों को जवाबदेह होती हैं.
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