राजस्थान में दंगा प्रभावित क्षेत्र को 'डिस्टर्ब एरिया' घोषित करेगी भजनलाल सरकार, कैबिनेट की मंजूरी
Rajasthan Disturbed Areas Act: मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि इस कानून के जरिए कई क्षेत्रों में साम्प्रदायिक दंगों के कारण समुदाय विशेष के पलायन को रोकने, जनसंख्या असंतुलन को रोका जाएगा.

राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार की कैबिनेट बैठक में बुधवार (21 जनवरी) को बड़ा फैसला लिया गया है. दरअसल, सरकार राजस्थान में एक धर्म विशेष के लोगों का पलायन रोकने के लिए अब कानून लाएगी. कैबिनेट में राजस्थान प्रोबेशन ऑफ डिस्टर्ब एरिया एक्ट लाने का फैसला किया गया.
कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने डिस्टर्ब एरिया एक्ट को मंजूरी दे दी है. मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि यह विधेयक आगामी विधानसभा सत्र में रखा जाएगा. इस कानून के लागू होने के बाद सरकार साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति में उस क्षेत्र को अशांत क्षेत्र घोषित कर सकेगी.
इसलिए लाया जा रहा कानून
एक बार अशांत क्षेत्र घोषित होने पर उस क्षेत्र में किसी भी जमीन के बेचान को शून्य माना जाएगा. पटेल ने कहा कि यह कानून इसलिए लाया जा रहा है कि कई क्षेत्रों में साम्प्रदायिक दंगों के कारण समुदाय विशेष के पलायन को रोकने और जनसंख्या असंतुलन को रोका जा सके.
3 से 5 साल की होगी सजा
ऐसा कानून बनाने वाला राजस्थान देश में दूसरा राज्य है. कानून बनने के बाद सरकार अशांत अल्पसंख्यक इलाकों को डिस्टर्ब एरिया एक्ट घोषित किया जा सकेगा. मंत्री पटेल ने कहा कि डिस्टर्ब एरिया एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर 3 से 5 साल की सजा होगी. यह नॉन बेलेबल अपराध होगा, डिस्टर्ब एरिया 3 साल के लिए घोषित होगा, इस अवधि को बढ़ाया भी जा सकेगा.
एडीएम की अनुमति से ही ट्रांसफर होगी प्रॉपर्टी
जोगाराम पटेल ने ये भी कहा कि डिस्टर्ब एरिया में सक्षम अधिकारी की मंजूरी के बिना प्रॉपर्टी का ट्रांसफर नहीं हो सकेगा. एडीएम की अनुमति से ही प्रॉपर्टी ट्रांसफर की जा सकेगी. बिना अनुमति संपत्ति खरीद-बेचान शून्य माना जाएगा. बैंकों और वित्तीय संस्थानों के प्रॉपर्टी गिरवी होने पर यह कानून लागू नहीं होगा.
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Source: IOCL



























