अमेरिका के साथ जंग के बीच भारत पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री अराघची, PM मोदी-एस जयशंकर से आज होगी मुलाकात
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार (13 मई) को भारत की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा शुरू की. अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से यह तेहरान की ओर से पहला हाईलेवल राजनयिक दौरा है.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार (13 मई) को भारत की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा शुरू की. अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से यह तेहरान की ओर से पहला हाईलेवल राजनयिक दौरा है. अराघची मुख्य रूप से गुरुवार से शुरू होने वाली ब्रिक्स सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक में भाग लेने के लिए भारत आए हैं. ईरान के विदेश मंत्री अपने भारतीय समकक्ष एस. जयशंकर के साथ पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट पर केंद्रित व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे.
होर्मुज पर हो सकती है चर्चा
सूत्रों के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पर भी चर्चा होने की संभावना है. इस दौरान भारतीय पक्ष रणनीतिक जलमार्ग से शेष व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर जोर दे सकता है. अराघची और ब्रिक्स सदस्य देशों के अन्य विदेश मंत्री गुरुवार (14 मई) को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करेंगे.
क्या बोले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए नयी दिल्ली पहुंचने पर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का हार्दिक स्वागत है.' पश्चिम एशिया में बढ़ता संकट और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति शृंखला पर इसके प्रभाव ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में प्रमुख चर्चा के विषय रह सकते हैं. ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा भारत, सितंबर में होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन से पहले इस बैठक की मेजबानी कर रहा है.
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पीएम मोदी सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों से करेंगे मुलाकात
ब्रिक्स दुनिया की प्रमुख उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं का समूह है. ब्रिक्स सम्मेलन के पहले दिन इसके सदस्य देशों के विदेश मंत्री प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा के चलते चीनी विदेश मंत्री वांग यी इस बैठक में शामिल नहीं होंगे. चीन ने मंगलवार को घोषणा की कि भारत में चीन के राजदूत शी फीहोंग विदेश मंत्री वांग की ओर से बैठक में शामिल होंगे.
भारत, ब्रिक्स की अध्यक्षता करते हुए सितंबर में होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन से पहले विदेश मंत्रियों के इस सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या विदेश मंत्रियों का यह सम्मेलन पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर सर्वसम्मति वाला कोई बयान जारी कर पाता है.























