ट्रंप की अक्ल आने वाली है ठिकाने! टैरिफ घटकर रह जाएगा सिर्फ 10 प्रतिशत? जानें किसने किया बड़ा दावा
India US: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया था, लेकिन मुख्य आर्थिक सलाहकार अनंत नागेश्वरन ने दावा किया है कि टैरिफ जल्द ही घट सकता है.

भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ की वजह से दूरी बढ़ गई है. इस बीच देश के लिए एक गुड न्यूज आई है. सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने गुरुवार (18 सितंबर) को कहा कि अमेरिका जल्द ही भारतीय वस्तुओं पर से 25 प्रतिशत पेनल्टी टैरिफ हटा सकता है. इतना ही नहीं भारत का रेसिप्रोकल टैरिफ भी घट सकता है.
'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्य आर्थिक सलाहकार नागेश्वरन ने कहा, ''राजनीतिक परिस्थितियों के कारण 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लागू हुआ था, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों के घटनाक्रम को देखते हुए मेरा अनुमान है कि पेनल्ट टैरिफ 30 नवंबर से आगे नहीं रहेगा.'' उन्होंने यह भी कहा, ''मेरे पास इसको लेकर कोई ठोस सबूत नहीं हैं, लेकिन यह मेरा अनुमान है. दोनों देश तनाव कम करने का रास्ता तलाश रहे हैं और सप्ताह के पहले दो दिनों में अमेरिकी वार्ताकार भारत में थे.''
तो क्या भारत पर सिर्फ लगेगा 10 से 15 प्रतिशत टैरिफ
अमेरिका ने पहले भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था. इसके बाद रूस से तेल खरीदने की वजह से भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ और लग गया. लिहाजा भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगा. अगर 25 प्रतिशत पेनल्टी टैरिफ कम होता है तो यह फिर से घटकर 25 प्रतिशत रह जाएगा. वहीं अगर रेसिप्रोकल टैरिफ को भी कुछ घटाया गया तो यह 10 से 15 प्रतिशत ही रह जाएगा. हालांकि अभी तक इसको लेकर किसी तरह की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है.
भारत-अमेरिका के बीच चल रही बातचीत
भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ के साथ-साथ ट्रेड डील पर भी बात नहीं बन सकी थी, लेकिन अब बात एक बार फिर से शुरू हो चुकी है. अमेरिकी प्रतिनिधियों ने हाल ही में भारत का दौर किया था. इस दौरान दिल्ली में ट्रेड को लेकर बातचीत हुई थी. यह बातचीत दोनों देशों के लिए सकारात्मक बताई जा रही थी. लिहाजा उम्मीद की जा रही है कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते और टैरिफ पर बात बन सकती है.
टैरिफ की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए ये सेक्टर
भारत के निर्यात के लिए अमेरिका का काफी बड़ा बाजार है, लेकिन टैरिफ की वजह से निर्यात कम हो गया है. इसकी वजह से टेक्सटाइल्स और गारमेंट्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, केमिलक्ल, लेदर गुड्स और सीफूड का सेक्टर प्रभावित हुआ है.
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Source: IOCL






















