एक्सप्लोरर

Explained: चीन और ताइवान के बीच कितनी पुरानी है ये दुश्मनी, कैसे इस झगड़े के बीच आ गया है अमेरिका?

China Vs Taiwan: चीन और ताइवान के संबंध हमेशा तल्ख नजर आते हैं. फिलहाल अमेरिकी हाउस स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा को लेकर चीन द्वीप के चारो ओर पानी और आसमान में युद्धाभ्यास कर रहा है.

China Taiwan Relations: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) पहले ही कह चुके हैं कि अगर जरूरत पड़ी तो ताइवान (Taiwan) को बलपूर्वक मुख्यभूमि का हिस्सा बनाएंगे. ताइवान को लेकर अमेरिकी (America) रुख से चीन नाराज है और द्वीप के चारों ओर समंदर और आसमान में अब तक की सबसे बड़ी वॉर ड्रिल (PLA War Drill) कर रहा है. वहीं ताइवान ने कह दिया है कि वह चीन के साथ युद्ध नहीं चाहता है लेकिन इसकी तैयारी शुरू कर दी है. आखिर चीन और ताइवान में दुश्मनी क्यों है और अमेरिका उनके मुद्दे में शामिल कैसा हो गया, आइये जानते हैं.

ताइवान और चीन की लड़ाई एक सदी पुरानी है. ताइवान का आधिकारिक नाम रिपब्लिक ऑफ चाइना है जबकि सौ साल पहले चीन वाली मुख्यभूमि को इस नाम से जाना जाता था. 1644 में चीन में चिंग वंश, जिसे क्विंग वंश भी कहा जाता है, वह राज करता था और उसने चीन का एकीकरण किया था. चीन में 1911 में चिन्हाय क्रांति हुई थी, इसके चलते चिंग वंश सत्ता से बेदखल हो गया. इसके बाद  राष्ट्रवादी क्यूओमिनटैंग पार्टी, जिसे कॉमिंगतांग पार्टी भी कहा जाता है और कम्युनिस्ट पार्टी अस्तित्व में आईं. दोनों में संघर्ष हुआ. लोकतंत्र की वकालत करने वाली कॉमिंगतांग पार्टी की सरकार बन गई. इसी के शासन काल में चीन का आधिकारिक नाम रिपब्लिक ऑफ चाइना पड़ गया.

क्यों नहीं थमता विवाद

1949 में माओत्से तुंग के नेतृत्व में कम्युनिस्टों ने कॉमिंगतांग सरकार के खिलाफ विद्रोह किया, नतीजतन चीन में गृह युद्ध छिड़ गया. लंबे चले गृहयुद्ध में कॉमिंगतांग लोगों की हार हुई और बचे हुए लोग ताइवान वाले हिस्से में जाकर बस गए. वहां उन्होंने अपनी सरकार बना ली और द्वीप का आधिकारिक नाम रिपब्लिक ऑफ चाइना रख दिया. उधर जीते हुए कम्युनिस्टों ने मुख्यभूमि का नाम पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के रख दिया. लड़ाई यही है दोनों ही तरफ के लोग पूरे चीन पर प्रतिनिधित्व का दावा करते हैं. ताइवान को लगता है कि एक दिन पूरा चीन उसका होगा. वहीं, चीन ताइवान को मुख्यभूमि का हिस्सा बनाना चाहता है. चूकि क्षेत्रफल और ताकत और संसाधनों में ताइवान उसके आगे टिकता नहीं है तो वह अपनी मनमानी दिखाता है. इसी के चलते उसने वन चाइना पॉलिसी बनाई. जिसके अंतर्गत अगर किसी देश को चीन से राजनयिक संबंध स्थापित करने हैं तो ताइवान से संबंध तोड़ने पड़ते हैं.

यह भी पढ़ें- Explained: ड्रैगन की क्या है 'वन चाइना पॉलिसी' और ताइवान के साथ कैसा है बीजिंग का संबंध

अमेरिका ऐसे हुआ शामिल

मजे की बात यह है कि एक बड़े हिस्से में कम्युनिस्टों का कब्जा होने के बाद भी दशकों तक अमेरिका ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना को मान्यता नहीं दी थी और ताइवान के साथ अपने संबंध रखे हुए थे. 1950 में कम्युनिस्ट बलों ने ताइवान के कुछ बाहरी इलाकों में हमला किया था, इसे देखते हुए अमेरिका ने ताइवान की मदद के लिए जहाज भेजे थे लेकिन 1976 में माओ की मौत के बाद सब बदल गया. समाज सुधारक कहे जाने वाले डेंग जिआओपिंग ने जब चीन की कमान संभाली दुनिया के सामने खुलकर अपने विचार रखे तो अमेरिकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर ने बीजिंग के साथ संबंध सामान्य करने पर राजी हो गए और 1979 में दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ. इस समझौते के मुताबिक, कार्टर प्रशासन वन चाइन पॉलिसी मानने को सहमत हो गया, जिसका हिस्सा ताइवान भी था. कार्टर के फैसले पर अमेरिकी कांग्रेस ने एक कानून पास किया, जिसमें कहा गया कि अमेरिका ताइवान को खुद की रक्षा करने के लिए हथियारों की सप्लाई करेगा. तब से किसी न किसी बहाने अमेरिका ताइवान से अनौपचारिक संबंध बनाए रखता है जो चीन के लिए किरकिरी का काम करता है.

ताजा विवाद क्या है?

अमेरिकी हाउस स्पीकर नैंसी पेलोसी ने ताइवान की यात्रा की तो चीन भड़क गया. उनकी यात्रा से पहले ही वह अमेरिका को अंजाम भुगतने के लिए चेता रहा था. नैंसी पेलोसी वर्षों से मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर चीन को घेरती आ रही हैं. कई बार वह चीन के खिलाफ बयान दे चुकी हैं. वहीं, ताइवान में उसे किसी भी देश की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं है. यही वजह है कि चीन तल्ख तेवर दिखा रहा है. परिणामस्वरूप चीन ताइवान के चारों ओर समंदर और आसमान में अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास कर रहा है.

यह भी पढ़ें- Explained: चीन के लिए क्यों सिरदर्द बनी हैं नैंसी पोलेसी, जानें किस बात का है डर

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

फ्रांस में दंगा: 2400 से ज्यादा गिरफ्तार, प्रधानमंत्री ने दिया कर्फ्यू का आदेश
फ्रांस में दंगा: 2400 से ज्यादा गिरफ्तार, PM ने दिया कर्फ्यू का आदेश, इमरजेंसी की आहट
'ये लोकतंत्र को कमजोर..' EC के समर्थन में 400 से ज्यादा भारतीय मूल के छात्र-शिक्षाविद
'ये लोकतंत्र को कमजोर..' EC के समर्थन में 400 से ज्यादा भारतीय मूल के छात्र-शिक्षाविद
रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए हटाए प्रतिबंध, रूबियो ने कहा- राष्ट्रपति ट्रंप...
रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए हटाए प्रतिबंध, रूबियो ने कहा- राष्ट्रपति ट्रंप...
यमन: हूतियों ने किया अबतक का बड़ा हमला, जमीन पर बिखरे सैनिकों के शव
यमन: हूतियों ने किया अबतक का बड़ा हमला, जमीन पर बिखरे सैनिकों के शव

वीडियोज

Bollywood News: Tiger Shroff पर फायरिंग से मचा हड़कंप! कौन रच रहा था हमले की साजिश? (19.10.26)
YRKKH: Maira की खोई मुस्कान लौटाने की अनोखी कोशिश, Armaan-Abhira का नया सरप्राइज!
Mumbai News | Sansani: बॉलीवुड के सितारों पर गैंगस्टर की नजर... मुंबई में खौफ !
Tiger Shroff Firing News: टाइगर श्रॉफ के बिल्कुल सामने थे हमलावर, ताबड़तोड़ फायरिंग, सामने आया VIDEO
Tiger Shroff News: ब्लॉग बनाती रहीं अम्मा.. टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के दौरान क्या हुआ? बड़ा खुलासा !

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
मोदी सरकार का नया गेम, पटनायक, स्टालिन, उद्धव, जगन मोहन से किया संपर्क
मोदी सरकार का नया गेम, पटनायक, स्टालिन, उद्धव, जगन मोहन से किया संपर्क
सौरव-रांका की न्यायिक हिरासत बढ़ने पर रत्ना सिंह बोलीं, 'कोर्ट में मजाक...'
सौरव-रांका की न्यायिक हिरासत बढ़ने पर रत्ना सिंह बोलीं, 'कोर्ट में मजाक...'
फ्रांस में दंगा: 2400 से ज्यादा गिरफ्तार, प्रधानमंत्री ने दिया कर्फ्यू का आदेश
फ्रांस में दंगा: 2400 से ज्यादा गिरफ्तार, PM ने दिया कर्फ्यू का आदेश, इमरजेंसी की आहट
जसप्रीत बुमराह को रवि शास्त्री की महत्वपूर्ण सलाह..,, बोले - अगर 2027 वर्ल्ड कप खेलना है...
जसप्रीत बुमराह को रवि शास्त्री की महत्वपूर्ण सलाह..., बोले - अगर 2027 वर्ल्ड कप खेलना है
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग: घर से फुटबॉल ग्राउंड तक, अटैक से पहले की गई थी रेकी, CCTV में खुलासा
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग: घर से फुटबॉल ग्राउंड तक, अटैक से पहले की गई थी रेकी, सीसीटीवी में खुलासा
'उनके हौसले बुलंद हैं...', दीपके ने शेयर की दास और रांका की अदालत की फोटो
'उनके हौसले बुलंद हैं...', दीपके ने शेयर की दास और रांका की अदालत की फोटो
'ये लोकतंत्र को कमजोर..' EC के समर्थन में 400 से ज्यादा भारतीय मूल के छात्र-शिक्षाविद
'ये लोकतंत्र को कमजोर..' EC के समर्थन में 400 से ज्यादा भारतीय मूल के छात्र-शिक्षाविद
'हमारे साथ धोखा हुआ है', अनुच्छेद 370 का जिक्र कर फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान
'हमारे साथ धोखा हुआ है', अनुच्छेद 370 का जिक्र कर फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान
Embed widget