Bangladesh Politics: शेख हसीना के बेटे साजिब वाजेद की यूनुस सरकार को कड़ी चेतावनी, जानें अब क्या होगा?
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे साजिब वाजेद ने कहा कि अगर अवामी लीग पर प्रतिबंध नहीं हटाया गया तो उनके समर्थक फरवरी में चुनाव रोक देंगे.

बांग्लादेश इस समय अपने राजनीतिक इतिहास के सबसे तनावपूर्ण दौर से गुजर रहा है. अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मानवता-विरोधी अपराधों पर जल्द ही फैसला आने वाला है. इस वजह से पूरे देश में अस्थिरता बढ़ गई है. इस बीच शेख हसीना के बेटे और प्रमुख सलाहकार साजिब वाजेद (जॉय) ने रॉयटर्स से बात करते हुए कहा कि अगर अंतरिम सरकार अवामी लीग पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने के कदम नहीं उठाती तो उनके समर्थक फरवरी में प्रस्तावित राष्ट्रीय चुनाव को होने नहीं देंगे. ढाका की जिस अदालत में अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मामला चल रहा है, वहां यह आशंका है कि 78 वर्षीय हसीना को अनुपस्थिति में ही दोषी ठहरा दिया जाएगा. वे इन सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित और झूठा बताती रही हैं.
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट बताती है कि 15 जुलाई से 5 अगस्त 2024 के बीच विरोध प्रदर्शनों ने देश को लगभग युद्ध जैसी स्थिति में पहुंचा दिया. इन तीन हफ्तों में लगभग 1,400 लोग मारे गए और हजारों घायल हुए. अनेक मौतों का कारण सुरक्षाबलों की गोलीबारी बताया गया है. 1971 के स्वतंत्रता आंदोलन के बाद यह हिंसा सबसे गंभीर मानी जा रही है. साथ ही बांग्लादेश के 340 अरब डॉलर के परिधान उद्योग को भी भारी चोट पहुंची है, जिस पर देश की सबसे बड़ी आर्थिक निर्भरता है.
शेख हसीना का भारत में निर्वासन
अगस्त 2024 में देश छोड़ने के बाद शेख हसीना फिलहाल नई दिल्ली में रह रही हैं. साजिब वाजेद ने कहा कि अदालत से आने वाला फैसला पहले से तय जैसा लग रहा है और सजा भी काफी कठोर हो सकती है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार हसीना को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करा रही है. यहां उनके साथ वैसा व्यवहार हो रहा है, जैसा किसी राष्ट्राध्यक्ष के साथ होता है. हालांकि हसीना ने पहले यह भी स्वीकार किया था कि सुरक्षा कारणों से वे अतिरिक्त सतर्क रहती हैं. 1975 के सैन्य तख्तापलट में उनके पूरे परिवार की हत्या ने उनके जीवन को हमेशा असुरक्षा की छाया में रखा है.
फैसले से पहले ढाका में बम धमाके, बसों में आग
जैसे–जैसे फैसले की घड़ी नजदीक आ रही है ढाका और आसपास के इलाकों में तनाव बढ़ता जा रहा है. केवल 12 नवंबर को शहर में 30 से अधिक देसी बम धमाकों की पुष्टि हुई. कई बसों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने बड़े भीड़-भाड़ वाले इलाकों में लोगों के खड़ा रहने पर को प्रतिबंधित लागू कर दिया गया है. राजधानी में 400 से अधिक सीमा रक्षकों की तैनाती की गई है. पुलिस कई अवामी लीग कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी कर रही है. आरोप है कि वे तोड़फोड़ और हमला करने की साजिशों में शामिल थे.
अवामी लीग पर प्रतिबंध के बाद चुनाव सवालों में
मई 2024 में अंतरिम सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और भ्रष्टाचार के आरोपों का हवाला देते हुए अवामी लीग की राजनीतिक गतिविधियों को रोक दिया था. पार्टी का चुनावी पंजीकरण भी निलंबित है. वाजेद का कहना है कि ऐसी स्थिति में देश में चुनाव का विचार ही अधूरा है. उन्होंने साफ कहा कि अवामी लीग को बाहर रखकर चुनाव कराने का हर प्रयास बड़े आंदोलन को जन्म देगा और अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय चुप रहा तो चुनाव से पहले ही बांग्लादेश हिंसा की आग में घिर सकता है.
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