एक्सप्लोरर

म्यांमार की सैन्य सरकार ने विवादित बौद्ध भिक्षु अशीन विराथु को किया रिहा, रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ देते रहे हैं 'विवादित बयान'

Ashin wirathu Profile: अशीन विराथु तब सर्वाधिक चर्चा में आए जब साल 2001 में वो '969' नामक संगठन के साथ जुड़े. यह एक मुस्लिम विरोधी और राष्ट्रवादी गुट है.

Myanmar military releases hardline monk Ashin wirathu: म्यांमार की एक खबर इस वक्त दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है. यह खबर है विवादित बौद्ध भिक्षु अशीन विराथु को रिहा किए जाने की खबर. दरअसल विराथु की छवि हमेशा से ही मुस्लिम विरोधी रही है. खासकर रोहिंग्या समुदाय को लेकर अपने 'विवादित बयान' के कारण अशीन विराथु को 'बुद्धिस्ट बिन लादेन' तक  कहा जाता है. इतना ही नहीं जब 2013 में टाइम मैगज़ीन ने उन्हें अपने कवर पेज पर छापा तो उसका शीर्षक था -''फेस ऑफ बुद्धिस्ट टेरर'' हालांकि अपनी राष्ट्रवादी पहचान की वजह से उन्हें अच्छा खासा समर्थन भी मिला हुआ है.

उन्हें म्यांमार की नागरिक सरकार ने राजद्रोह के आरोप में जेल में डाल दिया था. हालांकि अब जब म्यांमार में तख्तापलट हो चुकी है तो एक बार फिर अशीन विराथु रिहा हो गए हैं. वो सेना के समर्थक भी हैं. उन्हें इससे पहले साल 2003 में 25 साल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन साल 2010 में अन्य राजनीतिक बंदियों के साथ उन्हें भी रिहा कर दिया गया था. वो फिर गिरफ्तार हुए थे लेकिन एक बार फिर सेना ने उन्हें रिहा कर दिया है. आइए जानतें हैं कौन हैं ये म्यांमार के अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के खिलाफ विवादित बयान देने वाले अशीन विराथु ....


कौन हैं अशीन विराथु

अशीन विराथु का जन्म 1968 में हुआ था. उन्होंने 14 साल की उम्र में ही स्कूली शिक्षा छोड़ दी और बौद्ध भिक्षु का जीवन अपना लिया. अशीन विराथु तब सर्वाधिक चर्चा में आए जब साल 2001 में वो '969' नामक संगठन के साथ जुड़े. यह एक मुस्लिम विरोधी और राष्ट्रवादी गुट है. हालांकि '969' संगठन के लोग हमेशा खुद पर लगने वाले कट्टरपंथी के आरोप को नकारते रहे हैं. अब ज़रा समझ लेते हैं कि ये '969' है क्या? दरअसल इन तीनों संख्याओं को बौद्ध की शिक्षा का सार समझा जाता है. 9 मतलब बौद्ध के खास 9 गुण, 6 मतलब बौद्ध के बताए छह कर्म जैसे पाप से दूरी, कल्यानकारी कार्य, सत्य, दया आदि और आखिरी नंबर 9 का मतलब है बौद्ध द्वारा स्थापित संघ के नौ चरित्र.

'969' का अर्थ तो काफी पवित्र है लेकिन इस नाम से चल रहे इस संगठन की मंशा काफी अलग है. इसके सबसे बड़े नेताओं में अशीन विराथु बनकर उभरे हैं. इस आंदोलन का मकसद 'नफरत फैलाना' है. ये मुस्लिम दुकानदारों का बहिष्कार करने की बात करता है. बौद्ध मकानों की पहचान करने के लिए उनके घर के बाहर '969' लिख देता है. ये संगठन रोहिंग्या मुसलमानों को घुसपैठिया मानता है.

इसी संगठन के भाषणों से फैले हिंसा में कई लोग मारे गए हैं. साल 2002 में अशीन विराथु को हिंसा फैलाने की वजह से पहली बार जेल हुई. लेकिन आठ साल बाद रिहा हो गए और फिर 'नफरत से भरे भाषण' देने लगे. जब साल 2010 में अशीन विराथु जेल से रिहा हुए तो वो अचानक सोशल मीडिया और यूट्यूब पर एक्टिव हो गए. उन्होंने इन माध्यमों से जमकर अपने विचारों का प्रचार किया. उनके फॉलोअर्स लगातार बढ़ते गए.

इसी बीच जब साल 2012 में राखिने प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों और बौद्धों के बीच हिंसा भड़की तो अशीन विराथु फिर चर्चा का केंद्र बन गए. वो लगातार मुसलमानों के खिलाफ भाषण देते रहे और 'राष्ट्रवादियों' के भावनाओं से जुड़ गए. अब ज़रा देश के राखिने प्रांत को भी जान लीजिए. यह देश के पश्चिम हिस्से में है. ये म्यांमार के सांप्रदायिक तनाव का प्रमुख केंद्र है. यहां बौद्ध तो बहुसंख्यक हैं लेकिन मुसलमानों की आबादी भी अच्छी खासी है.

राखिने प्रांत में साल 2012 में एक बौद्ध महिला से रेप और हत्या की घटना हुई जिसके बाद तनाव बढ़ गया जो धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गया. इसके बाद साल 2015 में एक और  रेप की कथित घटना सामने आई. इन घटनाओं को लेकर अशीन विराथु लगातार मुस्लिम विरोधी बयान देते रहे और लोगों को भड़काते रहे.

इसी बीच देश के राष्ट्रपति थेन सेन एक योजना लेकर आए जो काफी विवादित था. उनकी ये योजना रोहिंग्या मुसलमानों को किसी और देश भेजने की योजना थी. UNHCR ने थेन की योजना की निंदा की और खारिज कर दिया.

अशीन विराथु ने राष्ट्रपति के इस योजना का खूब समर्थन किया. उनके बयानों के की वजह से राखिने प्रांत में खूब हिंसा भड़की. वो किस तरह का बयान देते थे एक उदाहरण देखिए..

''आपके अंदर दया और प्रेम भरा हो सकता है. मगर इसका मतलब ये नहीं कि आप किसी पागल कुत्ते के बगल में सो जाएं.''

जेल से बाहर आए अशीन विराथु को सत्ता का समर्थन मिला. साल 2017 में म्य़ांमार में रोहिग्या के प्रति बड़े स्तर पर हिंसा हुई. सैकड़ों मुसलमानों को देश छोड़कर भागना पड़ा. उनका साफ कहना था कि आप जो भी करते हैं वो एक राष्ट्रवादी के तौर पर करें. 

एक बार अशीन विराथु से पूछा गया कि क्या उनको वर्मा का बिन लादेन कहा जाना सही है, उन्होंने कहा वो इससे इनकार नहीं करेंगे.  

अशीन विराथु अधिकतर भाषण में निशाने पर मुसलमान होते हैं. वो रोहिंग्या मुसलमानों को किसी तीसरे देश भेजने की बात का खुलकर समर्थन करते हैं. उन्होंने बौद्ध महिलाओं का मुसलमानों द्वारा जबरन धर्म परिवर्तन करवाने का आरोप भी लगाया.

उन्होंने उस अभियान की भी अगुवाई की जिसकी मांग थी कि बिना सरकारी इजाजत कोई भी बौद्ध महिला किसी अन्य धर्म में शादी नहीं कर सकती है. हालांकि इसकी भी जमकर आलोचना हुई और कई महिलावादी संगठनों का कहना था कि किससे शादी करनी है ये महिलाओं का अपना अधिकार होना चाहिए.

अशीन विराथु सिर्फ मुस्लिम विरोधी बयान ही नहीं बल्कि अपनी महिला विरोधी बयानों को लेकर भी चर्चा में रहते हैं. एक बार साल 2015 में उन्होंने म्यांमार में संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि यांग ली के लिए अपशब्द कहे थे. उन्होंने उन्हें 'वैश्या' कहकर बुलाया था. उनका बयान पढ़िए..

''सिर्फ इसलिए कि आप संयुक्त राष्ट्र के लिए काम करती हैं, आप सम्मानित महिला नहीं बन जातीं. आप हमारे देश में सिर्फ एक वैश्या हैं''

बौद्ध धर्म में करुणा और दया की भावना को सर्वोपरि माना गया है, लेकिन अशीन विराथु की 'कट्टर विचारधारा' को देख लोग कहते हैं कि वो बौद्ध धर्म के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Russian President Putin: रूस ने यूक्रेन को खुशखबरी, इस बात के लिए राजी पुतिन, NATO पर क्यों खींची रेड लाइन?
रूस ने यूक्रेन को खुशखबरी, इस बात के लिए राजी पुतिन, NATO पर क्यों खींची रेड लाइन?
ईरान के बाद डोनाल्ड ट्रंप के टारगेट पर ये देश, राष्ट्रपति पर लगाए प्रतिबंध, बोले - 'जल्द ही उसे...'
ईरान के बाद ट्रंप के टारगेट पर ये देश, राष्ट्रपति पर लगाए प्रतिबंध, बोले - 'जल्द ही उसे...'
तुम पागल हो गए हो... ट्रंप की डांट पर पहली बार बोले नेतन्याहू, कहा- सुबह को लड़ाई, दोपहर को...
तुम पागल हो गए हो... ट्रंप की डांट पर पहली बार बोले नेतन्याहू, कहा- सुबह को लड़ाई, दोपहर को...
लेबनान में बढ़ा तनाव: इजरायली हमलों में 4 की मौत, हिजबुल्लाह ने नए सीजफायर समझौते को ठुकराया
लेबनान में बढ़ा तनाव: इजरायली हमलों में 4 की मौत, हिजबुल्लाह ने नए सीजफायर समझौते को ठुकराया

वीडियोज

Breaking | Malviya Nagar Fire Update: होटल जला तो पता चला, सब मिले हैं जी! | Delhi News | Fire
Malviya Nagar Fire | Janhit: 'करप्शन' की 'आग' में पूरा परिवार खत्म! | Delhi News | Chitra Tripathi
Delhi Malviya Nagar Fire | Bharat Ki Baat: 1 परिवार, 8 जिंदगी...'सिस्टम' ने छीन ली! | Fire Accident
Sandeep Chaudhary: 'FLOP SYSTEM' की पोल-खेल Analysis! | Lavkesh Bajaj | Malviya Fire News | Delhi
Malviya Nagar Fire News | Mahadangal: कागजों मे ही कायदे कानूनहकीकत में तबाही और मौत? | Breaking

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'भारत के लिए निकल गया हूं, मैं अपना भविष्य...', अमेरिका से रवाना हुए कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके
'भारत के लिए निकल गया हूं, मैं अपना भविष्य...', अमेरिका से रवाना हुए कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके
कॉकरोच जनता पार्टी को खुलकर क्यों समर्थन दे रहे हैं मनोज झा? RJD सांसद ने खुद दिया जवाब
कॉकरोच जनता पार्टी को खुलकर क्यों समर्थन दे रहे हैं मनोज झा? RJD सांसद ने खुद दिया जवाब
24 साल पहले हड़पी संपत्ति, 42 दिनों में होनी थी जांच, अब तक नहीं... इतनी लापरवाही देख भड़का SC, जो कहा जरूर पढ़ें
24 साल पहले हड़पी संपत्ति, 42 दिनों में होनी थी जांच, अब तक नहीं... इतनी लापरवाही देख भड़का SC, जो कहा जरूर पढ़ें
“काश वह अभी स्कूल में होता…” वैभव सूर्यवंशी से खौफ में दिखे पैट कमिंस, 15 साल के बल्लेबाज को लेकर कही बड़ी बात
“काश वह अभी स्कूल में होता…” वैभव सूर्यवंशी से खौफ में दिखे पैट कमिंस, 15 साल के बल्लेबाज को लेकर कही बड़ी बात
Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai Review: डेविड धवन स्टाइल टाइमपास एंटरटेनर, बिना दिमाग लगाए  देखेंगे तो करेंगे एंजॉय
है जवानी तो इश्क होना है रिव्यू: डेविड धवन स्टाइल टाइमपास एंटरटेनर, बिना दिमाग लगाए  देखेंगे तो करेंगे एंजॉय
Russian President Putin: रूस ने यूक्रेन को खुशखबरी, इस बात के लिए राजी पुतिन, NATO पर क्यों खींची रेड लाइन?
रूस ने यूक्रेन को खुशखबरी, इस बात के लिए राजी पुतिन, NATO पर क्यों खींची रेड लाइन?
विदेश में पढ़ाई का सपना होगा पूरा! सरकार दे रही स्कॉलरशिप, जानें कौन और कैसे कर सकता है आवेदन?
विदेश में पढ़ाई का सपना होगा पूरा! सरकार दे रही स्कॉलरशिप, जानें कौन और कैसे कर सकता है आवेदन?
AI Next Big Technology: भविष्य में कितने खतरनाक साबित होंगे क्वांटम कंप्यूटर, एन्क्रिप्टेड सिस्टम को कैसे कर लेंगे हैक?
भविष्य में कितने खतरनाक साबित होंगे क्वांटम कंप्यूटर, एन्क्रिप्टेड सिस्टम को कैसे कर लेंगे हैक?
Embed widget