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पूरी दुनिया के लिए अमेरिका की मदद के दरवाजे बंद! सिर्फ इन दो देशों पर क्यों महरबान हुए राष्ट्रपति ट्रंप

US Foreign Minister : हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अधिकांश विदेशी सहायता को निलंबित करने की घोषणा की. वहीं, सिर्फ अपने महत्वपूर्ण सहयोगी इजरायल और मिस्र को निलंबन से छूट दी है.

US-Israel-Egypt Relations : अमेरिका दुनियाभर के करीब 180 देशों को किसी न किसी रूप में आर्थिक मदद करता रहा है. ये आर्थिक मदद सैन्य सहायता से लेकर मानवीय मदद और इकोनॉमिक डेवलपमेंट फंड्स के तौर दी जाती रही है. साल 2022 में ही संयुक्त राज्य अमेरिका ने आर्थिक मदद के तौर पर दुनियाभर के देशों में करीब 64,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर बांटे, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सत्ता में आते ही दुनियाभर में की जाने वाली आर्थिक मदद को बंद करने की घोषणा की है.

हालांकि ट्रंप ने कहा कि अमेरिका सिर्फ इजरायल और मिस्र को पैसा देना जारी रखेगा. अब सवाल यह उठता है कि ट्रंप ने दुनियाभर की मदद पर रोक लगाकर सिर्फ इन दो देशों की मदद की घोषणा क्यों की? हालांकि, इजरायल के साथ अमेरिका के करीबी रिश्तों को समझा जा सकता है, लेकिन अमेरिका की मिस्र से ऐसी क्या दोस्ती है. यह सवाल उठना लाजमी है.

विदेश मंत्री ने डोनाल्ड ट्रंप के फैसले की घोषणा की

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अधिकांश विदेशी सहायता को निलंबित करने की घोषणा की. वहीं, सिर्फ अपने महत्वपूर्ण सहयोगी इजरायल और मिस्र को निलंबन से छूट दी है. अमेरिका मिस्र को क्षेत्रीय सहायता बनाए रखने के लिए सैन्य सहायता के रूप में हर साल करीब 1.3 बिलियन डॉलर देता है.

अमेरिका को इन दो देशों से मिलेगा कौन-सा फायदा

इन दो देशों की आर्थिक सहायता न रोकने के पीछे अमेरिका का एक रणनीतिक महत्व छिपा है. दरअसल, ट्रंप प्रशासन मध्य पूर्व में अमेरिका के हित को ध्यान में रखकर इजरायल को सालाना करीब 3.3 बिलियन डॉलर की मदद करता है. इसके अलावा ये आर्थिक मदद सैन्य सहायता से भी जुड़ी हुई है.

उल्लेखनीय है कि साल 1979 में मिस्र की इजरायल के साथ शांति संधि हुई थी. जिसके तहत मिस्र और इजरायल ने ये भरोसा दिलाया कि एक-दूसरे पर सैन्य या किसी प्रकार राजनीतिक कार्रवाई नहीं करेगा. वहीं, इस शांति संधि से मध्य पूर्व में अमेरिकी प्रभाव को भी मजबूत करने में मदद मिली.

मिस्र की आंतरिक सुरक्षा और चरमपंथ से लड़ने में अमेरिका करता है मदद

अमेरिकी प्रशासन की ओर से दी जाने वाली सैन्य सहायता से मिस्र अपने क्षेत्र में चरमपंथ से लड़ने और देश की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने का प्रयास करती है, जो राष्ट्रीय स्थिरता और क्षेत्र में आतंकवाद से खिलाफ व्यापक लड़ाई दोनों के लिए महत्वपूर्ण है.

100 साल पुराना है अमेरिका और मिस्र का संबंध

संयुक्त राज्य अमेरिका और मिस्र के संबंध 100 साल से ज्यादा पुराने हैं. 1922 में ब्रिटिश सत्ता से आजाद होने के बाद मिस्र ने अमेरिका के साथ औपचारिक रूप से राजनयिक संबंध स्थापित किए थे और अमेरिका ने मिस्र को मान्यता दी थी.

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