यात्री ने गांधीगिरी वाले अंदाज में रेलवे को दिखाया आईना, लिखा - मेरा स्वागत उल्टी वाले कम्बल से किया गया', मैं बहुत खुश हूं
यात्री ने बड़े ही विनम्रता से रजिस्टर में अपनी बात कही है. यात्री ने लिखा है कि मुझे उल्टी वाला कम्बल देकर मेरा स्वागत किया है ,इस स्वागत से मै बहुत खुश हूं, क्या ऐसे ही स्वच्छा भारत अभियान चलेगा.

कानपुर: वैसे तो रेलवे यात्रियों को हर तरह की सुविधाएं देने का दावा करता है. अच्छी चादरें, कम्बल, तकिए और वो सब जो एक यात्रा करने वाले को मुहैया कराए जाते हैं उनके साफ सुथरे होने का दम भरता है, पर एक यात्री ने कंप्लेंट रजिस्टर में गांधीगिरी वाले अंदाज में शिकायत दर्ज कर रेलवे को आईना दिखाने का काम किया है. यात्री ने बड़े ही विनम्रता से रजिस्टर में अपनी बात कही है. यात्री ने लिखा है कि मुझे उल्टी वाला कम्बल देकर मेरा स्वागत किया गया, इस स्वागत से मैं बहुत खुश हूं, क्या ऐसे ही स्वच्छ भारत अभियान चलेगा. यात्री की यह शिकायत अपने आप में रेलवे की खामियों को उजागर कर रही है.
लुधियाना से कानपुर के सफर पर था यात्री
नजीराबाद थाना क्षेत्र स्थित कौशलपुरी में रहने वाले पुनीत चावला बीते बुधवार को लुधियाना से कानपुर आ रहे थे. पुनीत चावला सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन के ए-01 कोच में बैठे थे. सफ़र के दौरान उन्हें रात के वक्त कम्बल दिया गया था, जिसमें किसी ने उल्टी कर रखी थी.
शिकायत के बाद भी कम्बल नहीं बदला गया
पुनीत ने जब कम्बल देखा तो उन्होंने कोच अटेंडेंट से इसकी शिकायत की,लेकिन शिकायत के बाद भी कम्बल नहीं बदला गया. वो कम्बल लेकर कई बार इधर-उधर भटकते रहे लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई. मजबूरी में उन्हें बिना कम्बल के ही रात बितानी पड़ी, जब वो कानपुर सेन्ट्रल स्टेशन पर पहुंचे तो उन्होंने गार्ड के पास रखे कंप्लेंट रजिस्टर में अपने मन की बात लिखी.
यात्री ने कहा- ऐसे ही स्वच्छा भारत अभियान चलेगा अपनी गांधीगिरी भरी शिकायत से उन्होंने रेलवे पर दमदार प्रहार किया है. दो लाइन की शिकायत में रेलवे को आईना दिखाने के साथ ही, उन्होंने यह लिखा कि क्या ऐसे ही स्वच्छा भारत अभियान का सपना साकार होगा.
Source: IOCL


























