‘BJP मतलब ब्रिटिशर्स जनता पार्टी’, रेवंत रेड्डी का केंद्र सरकार पर तीखा हमला, संविधान पर बताया खतरा
Revanth Reddy: तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि आज हमारा लोकतंत्र खतरे में है. बीजेपी 400 सीटों का सपना इसलिए देख रही थी ताकि वे संविधान को पूरी तरह बदलकर अपने अनुकूल बना सकें

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखे हमले किए हैं. हाल ही में एक सार्वजनिक सभा में मुख्यमंत्री ने बीजेपी की नई परिभाषा गढ़ते हुए उसे 'ब्रिटिशर्स जनता पार्टी' करार दिया. रेड्डी ने आरोप लगाया कि जिस तरह अंग्रेजों ने इस देश पर कब्जा किया था, उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए बीजेपी अब देश के संविधान को बदलने और लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश रच रही है.
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अत्यंत गंभीर और सनसनीखेज दावे किए. उन्होंने कहा कि बीजेपी का गुप्त एजेंडा डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के दिए गए संविधान को रद्द करना है. रेड्डी ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘आज हमारा लोकतंत्र खतरे में है. बीजेपी 400 सीटों का सपना इसलिए देख रही थी ताकि वे संविधान को पूरी तरह बदलकर अपने अनुकूल बना सकें. यह गरीबों के अधिकारों और उनके संरक्षण को छीनने की एक बड़ी योजना है.’
@Congress4TS @revanth_anumula @abplive @ABPNews मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान को बचाने की अपील की। उन्होंने बताया अगर 400 पार का नारा कामयाब होता तो संविधान को अपने अनुकूल बना लिया होता। pic.twitter.com/BfjXyqkLTB
— Alyhindustani (@ShaikMohsinAly) January 8, 2026
अंबानी-अडानी का जिक्र कर केंद्र पर साधा निशाना
रेवंत रेड्डी ने उद्योगपतियों के साथ केंद्र सरकार की कथित नजदीकियों पर प्रहार करते हुए बीजेपी की कार्यप्रणाली की तुलना ईस्ट इंडिया कंपनी से की. उन्होंने सीधे तौर पर अडानी और अंबानी का जिक्र करते हुए कहा, ‘जैसे ब्रिटिश कंपनी व्यापार के बहाने भारत में आई और फिर पूरे देश को अपना गुलाम बना लिया था, अब वैसे ही वर्तमान सरकार देश के संसाधनों को चंद कॉरपोरेट लोगों के हाथों में सौंपने की कोशिश कर रही है.’
रेवंत रेड्डी ने जनता से की अपील
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे इस साजिश को समझें और सजग रहें. उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संघर्षों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी शक्ति है, जो बीजेपी की इस विभाजनकारी विचारधारा को रोक सकती है.
रेवंत रेड्डी का यह कड़ा रुख सिर्फ राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि एक वैचारिक युद्ध के रूप में देखा जा रहा है. उन्होंने साफ किया कि यह लड़ाई केवल सत्ता की नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और उसके संवैधानिक मूल्यों को बचाने की है.
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Source: IOCL





















