एक्सप्लोरर

आज लोकसभा में पेश होगा ‘नागरिकता संशोधन बिल’, ओवैसी बोले- ये संविधान के खिलाफ, देश को बांट रही सरकार’

भारत देश का नागरिक कौन है, इसकी परिभाषा के लिए साल 1955 में एक कानून बनाया गया जिसे 'नागरिकता अधिनियम 1955' नाम दिया गया. मोदी सरकार ने इसी कानून में संशोधन किया है जिसे 'नागरिकता संशोधन बिल 2016' नाम दिया गया है.

नई दिल्ली: मोदी सरकार का बहुचर्चित नागरिकता संशोधन बिल आज लोकसभा में पेश होने वाला है. इस बिल को लेकर कई तरह की आशंकाएं और कई तरह के सवाल उठने लगे हैं. सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या नागरिकता संशोधन बिल से भारत हिन्दू राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहा है? क्या नागरिकता संशोधन बिल देश में मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक बना देगा? ऐसे सवाल एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने उठाए हैं.

ओवैसी ने क्या कहा है?

ओवैसी ने कहा है, ‘’ये बिल संविधान के आर्टिकल 14 और 21 के खिलाफ है. नागरिकता को लेकर एक देश में दो कानून कैसे हो सकते हैं. सरकार धर्म की बुनियाद पर ये कानून बना रही है. सरकार देश को बांटने की कोशिश कर रही है. सरकार फिर से टू नेशन थ्योरी को बढ़ावा दे रही है. सरकार चाह रही है कि मुसलमान देश में दोयम दर्जे का नागरिक बन जाए.’’

शशि थरूर ने क्या कहा है?

इस बिल को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने संसद परिसर में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि विधेयक असंवैधानिक है, क्योंकि विधेयक में भारत के मूलभूत विचार का उल्लंघन किया गया है. वो लोग जो यह मानते हैं कि धर्म के आधार पर राष्ट्र का निर्धारण होना चाहिए. इसी विचार के आधार पर पाकिस्तान का गठन हुआ. हमने सदैव यह तर्क दिया है कि राष्ट्र का हमारा वह विचार है जो महात्मा गांधी, नेहरूजी, मौलाना आजाद, डा. आंबेडकर ने कहा कि धर्म से राष्ट्र का निर्धारण नहीं हो सकता.’’

विपक्ष क्यों कर रहा है इस बिला का विरोध?

विपक्ष का दावा है कि धर्म के आधार पर नागरिकता नहीं दी जा सकती है क्योंकि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है. ये विधेयक 19 जुलाई 2016 को पहली बार लोकसभा में पेश किया गया. इसके बाद संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने लोकसभा में अपनी रिपोर्ट पेश की थी. जेपीसी रिपोर्ट में विपक्षी सदस्यों ने धार्मिक आधार पर नागरिकता देने का विरोध किया था और कहा था कि यह संविधान के खिलाफ है. इस बिल में संशोधन का विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि अगर बिल लोकसभा से पास हो गया तो ये 1985 के 'असम समझौते' को अमान्य कर देगा.

क्या है नागरिकता संशोधन बिल?

भारत देश का नागरिक कौन है, इसकी परिभाषा के लिए साल 1955 में एक कानून बनाया गया जिसे 'नागरिकता अधिनियम 1955' नाम दिया गया. मोदी सरकार ने इसी कानून में संशोधन किया है जिसे 'नागरिकता संशोधन बिल 2016' नाम दिया गया है.

नागरिकता संशोधन बिल में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हिंदू, सिख, ईसाई, पारसी, जैन और बौद्ध यानी कुल 6 समुदायों के लोगों को नागरिकता दी जाएगी. इसमें मुसलमानों का जिक्र नहीं है. नागरिकता के लिए पिछले 11 सालों से भारत में रहना अनिवार्य है, लेकिन इन 6 समुदाय के लोगों को 5 साल रहने पर ही नागरिकता मिल जाएगी.  इसके अलावा इन तीन देशों के 6 समुदायों के जो लोग 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले भारत आए हों, उन्हें अवैध प्रवासी नहीं माना जाएगा.

एनआरसी से क्यों जोड़ा जा रहा है नागरिकता संशोधन बिल?

बता दें कि एनआरसी यानी नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स अभी सिर्फ असम में लागू हुआ है. लेकिन सरकार इसे पूरे देश में लागू करना चाहती है. असम में 19 लाख लोगों का नाम एनआरसी की फाइनल लिस्ट में नहीं आया. इसमें मुसलमानों के अलावा दूसरे समुदाय के लोग भी थे. तो अब सवाल ये है कि क्या एनआरसी में छूटे दूसरे धर्मों के लोगों के लिए ही सरकार नागरिकता संशोधन विधेयक ला रही है?

यह भी पढ़ें-

देश को रुला रहा है प्याज: 4 महीने में 20 से 150 रुपए तक पहुंचा भाव, कांग्रेस का आज संसद भवन में प्रदर्शन

महाराष्ट्र कैबिनेट का फॉर्मूला तय, एनसीपी के 16, शिवसेना के 14 और कांग्रेस के 13 नेता बन सकते हैं मंत्री

कर्नाटक में 15 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव आज, नतीजे 9 दिसंबर को आएंगे

जियो ने पेश किये नए All in One प्लान्स, ग्राहकों को मिलेंगे 300 प्रतिशत ज्यादा फायदे
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया?' राहुल गांधी ने गृहमंत्री अमित शाह को लिखा लेटर, पूछे दो तीखे सवाल
'छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया?' राहुल ने अमित शाह को लिखा लेटर, पूछे दो तीखे सवाल
'लड़ाई अभी जारी है', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद किस बात पर अड़ी कांग्रेस? बताई दो मांगें
'लड़ाई अभी जारी है', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद किस बात पर अड़ी कांग्रेस? बताई दो मांगें
कारगिल विजय दिवस: PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने शूरवीरों के पराक्रम को किया याद, राजनाथ सिंह ने क्या बताया
कारगिल विजय दिवस: PM मोदी ने शूरवीरों के पराक्रम को किया याद, राजनाथ सिंह ने क्या बताया
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद क्या अब CJP राजनीति में लेगी एंट्री? पढ़ें पार्टी ने क्या दिया जवाब
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद क्या अब CJP राजनीति में लेगी एंट्री? पढ़ें पार्टी ने क्या दिया जवाब

वीडियोज

Sansani|Strange Marriage Video:एक दूल्हा और 3 सगी बहनें! रील बनाने वाली बहनों ने कैमरामैन से रचाई शादी!
Salman Khan का नया पोस्ट बना चर्चा का विषय,
Saanvie Tallwar ने Karan Kundrra पर लगाया थप्पड़ और बिना सहमति Kiss का आरोप, सालों बाद बड़ा खुलासा
Ishqnama Review: Shehnaaz Gill और Jai Randhhawa की दिल छू लेने वाली लव स्टोरी
The India Story Review: खाने और सेहत पर बड़ा सवाल उठाती Shreyas Talpade की फिल्म

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Exclusive: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की क्यों हुई हार? प्रशांत का बड़ा बयान, कहा- 'क्योंकि दीदी को...'
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की क्यों हुई हार? प्रशांत का बड़ा बयान, कहा- 'क्योंकि दीदी को...'
'नौल' का कहर: चीन में रेड अलर्ट, तूफान से पहले थमी रफ्तार; 410 उड़ानें और 150 ट्रेनें रद्द
'नौल' का कहर: चीन में रेड अलर्ट, तूफान से पहले थमी रफ्तार; 410 उड़ानें और 150 ट्रेनें रद्द
IND vs ZIM 3rd T20 Playing 11: बदल जाएगी भारत की प्लेइंग 11, तीसरे T20 में ये बदलाव संभव
बदल जाएगी भारत की प्लेइंग 11, ZIM के खिलाफ तीसरे T20 में ये बदलाव संभव
काम हाथ से न चला जाए इस डर से छुपा कर रखा स्टेज 3 कैंसर, झेली पैसे की तंगी, एक्ट्रेस शगुफ्ता अली ने सुनाई आपबीती
काम हाथ से न चला जाए इस डर से छुपा कर रखा स्टेज 3 कैंसर, झेली पैसे की तंगी, एक्ट्रेस शगुफ्ता अली ने सुनाई आपबीती
'अगर अखिलेश यादव कुर्सी पर बैठेगा तो...', मुरादाबाद की जनसभा में सपा पर बरसे AIMIM चीफ ओवैसी
'अगर अखिलेश यादव कुर्सी पर बैठेगा तो...', मुरादाबाद की जनसभा में सपा पर बरसे AIMIM चीफ ओवैसी
लाल सागर में तनाव बरकरार, हूतियों ने सऊदी तेल टैंकर को बनाया निशाना, जहाजों पर भी मंडरा रहा खतरा
लाल सागर में तनाव बरकरार, हूतियों ने सऊदी तेल टैंकर को बनाया निशाना, जहाजों पर भी मंडरा रहा खतरा
देश में बढ़ीं MBBS सीटें, लेकिन 778 लोगों पर एक ही डॉक्टर
देश में बढ़ीं MBBS सीटें, लेकिन 778 लोगों पर एक ही डॉक्टर
सेकेंड हैंड कार खरीदने से पहले ये चीजें चेक करना बेहद जरूरी
सेकेंड हैंड कार खरीदने से पहले ये चीजें चेक करना बेहद जरूरी
Embed widget