JPSC की पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य का PA गिरफ्तार, CID का एक्शन
JPSC Exam Irregularities Case: झारखंड लोक सेवा आयोग की पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य के PA बीएन राम पर जेपीएससी में इंटरव्यू मैनेज करने के एवज में 40 लाख वसूलने का आरोप है.

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा धांधली मामले में इसकी पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य के PA बीएन राम को CID ने गिरफ्तार कर लिया. जेपीएससी में इंटरव्यू मैनेज करने के एवज में 40 लाख वसूलने का आरोप है. यह सीआईडी की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है और जांच एजेंसी ने 22वीं गिरफ्तारी की है. अजिता भट्टाचार्य झारखंड मुक्ति मोर्चा के कद्दावर नेता और पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी हैं.
अजिता भट्टाचार्य से भी बीते दिनों सीआईडी ने लंबी पूछताछ की थी. उन्हें समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया था. JPSC की ओर से आयोजित अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के सिलसिले में CID की टीम जांच कर रही है.
कौन हैं अजिता भट्टाचार्य?
अजिता भट्टाचार्य JPSC की सदस्य रह चुकी हैं. वो JMM के कद्दावर नेता और केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी हैं. अजिता ने 9 अगस्त को इस्तीफा दे दिया था.
परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर जारी विवादों और सीआईडी जांच के बीच उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया था.
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के ऑफिस में छापेमारी
उधर, झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी की टीम ने सोमवार (17 अगस्त) को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के ऑफिस में छापेमारी की. टीम आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ कर रही है. सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी वर्ष 2024 में आयोजित सीजीएल परीक्षा के जरिए चयनित सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और परीक्षा से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है.
14 अगस्त को सीआईडी ने कई जगह की थी छापेमारी
इससे पहले JPSC की ओर से आयोजित अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के सिलसिले में CID ने 14 अगस्त को प्रदेश भर में कई जगहों पर छापेमारी की थी. झारखंड CID के मुताबिक, ये छापेमारी केस नंबर 16/2026 में नामज़द 7 आरोपियों को गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ जारी वारंट को तामील कराने के लिए की गई.
आरोपियों की पहचान आदित्य पांडे, पवन कुमार सिंह, रविशंकर कुमार, संतोष कुमार सिंह, सानंद प्रकाश, लालू कुमार यादव और सौरभ कुमार पांडे के तौर पर हुई. एजेंसी का कहना है कि जांच लगातार चल रही है और इकट्ठा किए गए सबूतों के आधार पर कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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