'EC ने देशद्रोह का काम किया है...' SIR खुलासे पर राहुल गांधी ने साधा निशाना
चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) पर खुलासे के बाद हंगामा हो गया है. विपक्ष चुनाव आयोग पर निशाना साध रहा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि आप बचने वाले नहीं हो.

चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) पर खुलासे के बाद से विपक्ष चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहा है. कई विपक्षी नेताओं ने इसे लेकर पोस्ट किया है. अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है. उन्होंने एक वीडियो शेयर किया है. जिसमें कहा है कि आप जो कर रहे हो वो गलत कर रहे हो.
राहुल गांधी ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ''वोट की चोरी भारत के लोगों के खिलाफ एक अपराध है और हमारे संविधान पर सीधा हमला है. इसे अंजाम देने वाले BJP, RSS और EC ने देशद्रोह का काम किया है. इंसाफ जरूर होगा.''
Vote chori is a crime against the Indian people and a direct attack on our constitution.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 23, 2026
The BJP, RSS and EC who organised it have committed an act of treason.
Justice will be served. pic.twitter.com/30kX06CBiH
बचने वाले नहीं हो
राहुल गांधी वीडियो में कहते हैं, ''मैं इलेक्शन कमिशन और इलेक्शन ऑफिसर को साफ कह रहा हूं. आप जो कर रहे हो, गलत कर रहे हो. ये ट्रिजन है, देश के खिलाफ है. ये मत भूलिए टाइम आएगा. हम आपको पकड़ेंगे. बचने वाले नहीं हो.'' राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस नेता पी चिदंबरम, पवन खेड़ा समेत कई नेताओं ने ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की है.
ये हंगामा द इंडियन एक्सप्रेस अखबार की रिपोर्ट के बाद हुआ है जिसमें दावा किया गया है कि पिछले 10 महीनों में 14 बार चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर आपत्ति जताई है मगर उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया और फैसले आयोग के सामने बहुमत के आधार पर नहीं रखे गए.
बता दें एसआईआर को जून 2025 में बिहार में शुरू किया गया था और असल में वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा करने की एक सामान्य प्रक्रिया थी. इसके तहत 30 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट से 13 करोड़ से ज्यादा नाम हटा दिए गए हैं. इस वजह से चुनाव आयोग लोगों के बीच बहस का मुद्दा बन गया है कि कौन वोट दे सकता है और कौन नहीं, यह तय करने में उसकी क्या भूमिका है.
चुनाव आयोग ने दी सफाई
चुनाव आयोग के सूत्रों ने दावा किया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) समेत सभी फैसले सर्वसम्मति से और दोनों चुनाव आयुक्तों और मुख्य चुनाव आयुक्त की मंजूरी से लिए गए.
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