CJI की गरिमा को ठेस पहुंचाने पर पंजाब पुलिस सख्त, 15 FIR दर्ज, यूट्यूबर अजीत भारती भी शामिल
भारत के चीफ जस्टिस के खिलाफ आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के खिलाफ पंजाब पुलिस ने एक्शन लिया है. पुलिस ने 100 से अधिक सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ प्राप्त शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की है.

भारत के चीफ जस्टिस की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली अवैध और आपत्तिजनक सोशल मीडिया सामग्री पर सख्त कार्रवाई करते हुए, पंजाब पुलिस ने गुरुवार (09 अक्टूबर, 2025) को राज्य के विभिन्न जिलों में 100 से अधिक सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ प्राप्त शिकायतों के आधार पर लगभग 15 FIR दर्ज की है. इनमें यूट्यूबर अजीत भारती का भी नाम शामिल है, जिसके खिलाफ FIR दर्ज हुई है.
इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि सोशल मीडिया पर उच्च संवैधानिक अथॉरिटी पर हमले, जाति आधारित अपमान और भड़काऊ सामग्री और जातीय और साम्प्रदायिक भावनाओं को अनुचित ढंग से प्रस्तुत कर शांति और सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने की प्रत्यक्ष कोशिश से जुड़ी सामग्री को सीज किया गया है और कानून के अनुसार FIR दर्ज की गई है.
जातिवाद और नफरत भरी बातें शामिल
उन्होंने कहा कि कई पोस्ट और वीडियोज में जातिवाद और नफरत भरी सामग्री शामिल है, जिसका उद्देश्य सामाजिक फूट डालना, सार्वजनिक व्यवस्था भंग करना और न्यायिक संस्थानों की गरिमा को ठेस पहुंचाना है. इस सोशल मीडिया सामग्री में भारत के चीफ जस्टिस की साख को ठेस पहुंचाने वाली अवैध और आपत्तिजनक बातें शामिल हैं.
प्रवक्ता ने आगे बताया कि इन सोशल मीडिया पोस्टों में हिंसा भड़काने, संवैधानिक पद को निशाना बनाने, अनुसूचित जाति के सदस्य को जानबूझकर डराने और अपमानित करने के इरादे वाली बातें, अनुसूचित जाति के एक सदस्य के खिलाफ दुश्मनी, नफरत और भेदभावपूर्ण सोच को प्रोत्साहित करने की कोशिशें, जाति के आधार पर समूहों के बीच दुश्मनी फैलाने और शांति भंग करने के इरादे से किए गए अपमानजनक और सार्वजनिक अशांति फैलाने वाले बयान शामिल हैं.
इन धाराओं के अंतर्गत FIR दर्ज
प्रवक्ता ने कहा कि गंभीर अपराधों से संबंधित प्राप्त जानकारी के आधार पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(R), 3(1)(S) और 3(1)(U) और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 196, 352, 353(1), 353(2) और 61 के अंतर्गत विभिन्न थानों में FIR दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार इन FIR की आगामी जांच की जा रही है.
रिपोर्ट- सचिन शर्मा
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