यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक वीडियो को फेसबुक से हटाए जाने के विवाद को लेकर की गई थी।
‘मार्क जुकरबर्ग मांगे माफी’, PM मोदी के वीडियो विवाद पर बोले संसदीय समिति चीफ
PM Modi Video Row: संसदीय समिति के चेयरमैन और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि अगर जुकरबर्ग माफी नहीं मांगते हैं, तो उनसे सेक्शन 79 के तहत मिलने वाली सेफ हार्बर सुरक्षा वापस ले ली जानी चाहिए.

- संसदीय समिति ने पीएम मोदी के वीडियो हटाने पर मेटा से बैठक की।
- मेटा ने वीडियो हटाने को तकनीकी गलती बताकर माफी मांगी।
- समिति अध्यक्ष ने जुकरबर्ग से व्यक्तिगत माफी मांगने को कहा।
- माफी न देने पर सेफ हार्बर सुरक्षा हटाने की चेतावनी दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो को फेसबुक से हटाने के विवाद को लेकर संसदीय समिति ने सोमवार (3 अगस्त, 2026) को सोशल मीडिया कंपनी मेटा के अधिकारियों के साथ बैठक की. इस अहम बैठक के बाद कम्युनिकेशन और आईटी पर बनी संसदीय स्थायी समिति के चेयरमैन और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री के वीडियो को हटाने के लिए मेटा कंपनी के मालिक मार्क जुकरबर्ग को माफी मांगनी होगी.
संसदीय समिति की बैठक के दौरान फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो को हटाए जाने के लिए माफी मांगी और यह भी कहा कि वीडियो तकनीकी दिक्कतों की वजह से गलती से डिलीट हो गया था. हालांकि, बैठक के दौरान संसदीय समिति के कई सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि यह मामला सिर्फ माफी मांगने जितना नहीं है, बल्कि उससे कही ज्यादा है और इस मामले में जवाबदेही तय करनी होगी.
#WATCH | Delhi: After chairing the meeting of the Parliamentary Standing Committee on Communications & IT, Committee Chairman and BJP MP Dr Nishikant Dubey said, "...Understand the situation that has arisen within the algorithm. What Meta India did, what X did, and what YouTube… pic.twitter.com/L36mSc7bDl
— ANI (@ANI) August 3, 2026
बैठक के बाद बोले संसदीय समिति के चेयरमैन
कम्युनिकेशन और IT पर बनी संसदीय स्थायी समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने कहा, ‘सवाल यह है कि मेटा इंडिया ने प्रधानमंत्री का कंटेट हटा दिया. हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब मेटा इंडिया ने ऐसा किया है. अगर आपको याद हो, तो मेटा के मालिक मार्क जुकरबर्ग ने खुद जनवरी में 2024 के चुनावों के बारे में बयान दिया था और बाद में माफी मांगी थी. इससे पता चलता है कि उनका इरादा देश को अस्थिर करने का है.’
उन्होंने कहा, ‘जब भारत के प्रधानमंत्री का वीडियो हटाया जा सकता है और उन्होंने खुद माना कि कंटेंट पांच घंटे- रात 12:30 बजे से सुबह 5:00 बजे तक तक गायब था, तो यह बहुत गंभीर मामला है. हमारी समिति ने दो बातें साफ तौर पर कही है कि माफी मार्क जुकरबर्ग की तरफ से आनी चाहिए. अगर जुकरबर्ग ऐसा नहीं करते हैं, तो उनसे सेक्शन 79 के तहत मिलने वाली सेफ हार्बर सुरक्षा वापस ले ली जानी चाहिए.‘
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Frequently Asked Questions
संसदीय समिति ने मेटा अधिकारियों के साथ किस विवाद पर बैठक की?
मेटा ने प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो हटाने पर क्या स्पष्टीकरण दिया?
मेटा ने वीडियो हटाने के लिए माफी मांगी और कहा कि यह तकनीकी दिक्कतों की वजह से गलती से डिलीट हो गया था।
संसदीय समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने मेटा से क्या मांग की?
उन्होंने मांग की कि मेटा के मालिक मार्क जुकरबर्ग खुद माफी मांगें, अन्यथा कंपनी की धारा 79 के तहत मिली सेफ हार्बर सुरक्षा वापस ले ली जाए।
संसदीय समिति के अनुसार प्रधानमंत्री का वीडियो हटाना कितना गंभीर मामला था?
समिति ने इसे बहुत गंभीर मामला बताया क्योंकि प्रधानमंत्री का वीडियो पांच घंटे तक गायब रहा था। उन्होंने कहा कि केवल माफी काफी नहीं है, जवाबदेही तय होनी चाहिए।


















