'नेताजी' के खिलाफ आपत्तिजनक बयान का मामला, वकील की अपील पर क्या बोला सुप्रीम कोर्ट
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में राज्यसभा सांसद नागेंद्र रॉय उर्फ अनंत महाराज के अपमानजनक बयानों को लेकर एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट से इस पर स्वतः संज्ञान लेने की मांग की.

एक वकील ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में राज्यसभा सांसद नागेंद्र रॉय उर्फ अनंत महाराज के अपमानजनक बयानों का मसला सुप्रीम कोर्ट में रखा और कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की है. चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने इससे मना करते हुए कहा, "आप चाहें तो याचिका दाखिल कर सकते हैं. स्वतः संज्ञान ऐसे मामलों में लिया जाता है, जहां कोर्ट का तुरंत दखल जरूरी हो और याचिका दाखिल करने वाला कोई न हो."
बीजेपी के राज्यसभा सांसद की नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर की गई टिप्पणियों के कारण पश्चिम बंगाल में बड़ा बवाल खड़ा हो गया है. इस पर अब पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का भी बयान आया है. उन्होंने बुधवार (12 अगस्त, 2026) को पुलिस को ऐसी टिप्पणियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
बंगाल के मुख्यमंत्री ने कहा, "हम पश्चिम बंगाल की धरती से ऐसी बातें (नेताजी के खिलाफ टिप्पणी) नहीं होने देंगे. पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी." कूच बिहार के नेता नागेंद्र रॉय, जिन्हें अनंत महाराज के नाम से भी जाना जाता है, उन्हें जुलाई 2023 में बीजेपी समर्थित उम्मीदवार के तौर पर पश्चिम बंगाल से उच्च सदन (राज्यसभा) के लिए नामित किया गया था.
कौन हैं नागेंद्र रॉय
बता दें कि नागेंद्र रॉय ग्रेटर कूच बिहार पीपल्स एसोसिएशन के एक प्रमुख नेता हैं और उत्तरी बंगाल के राजबंशी समुदाय के एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं. कुछ दिन पहले उन्होंने नेताजी को "युद्ध अपराधी" कहा था और इसके अलावा उनके नेतृत्व पर भी सवाल उठाए थे. इतना ही नहीं नागेंद्र रॉय ने भारत की आजादी की लड़ाई में आजाद हिंद फौज की भूमिका पर भी संदेह जताया था.
शुभेंदु अधिकारी ने दिए कार्रवाई के आदेश
इस पूरे मामले को लेकर उत्तरी बंगाल के बीजेपी विधायकों और मंत्रियों के एक ग्रुप ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी और नेताजी के खिलाफ बयानबाजी का मुद्दा उठाया था. मुख्यमंत्री ने बीजेपी विधायकों और राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्धार्थ नाथ गुप्ता की मौजूदगी में कहा कि पुलिस नेताजी के खिलाफ अपमानजनक बयान देने वालों के खिलाफ न सिर्फ मामला दर्ज करेगी, बल्कि उन्हें गिरफ्तार भी करेगी.
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