असम-अरुणाचल बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, पुलिस ने हवा में चलाई गोलियां
असम-अरुणाचल सीमा पर फिर तनाव बढ़ गया है. प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दीं. इस बीच पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हवाई फायरिंग की है.

असम और अरुणाचल प्रदेश की बॉर्डर पर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई. कई छात्र और सामाजिक संगठनों के लोगों ने बुधवार (12 अगस्त 2026) को असम के जगुन को अरुणाचल प्रदेश के नामचिक और जयरामपुर से जोड़ने वाली सड़कों को जाम कर दिया था. अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार (13 अगस्त 2026) को प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हवा में गोलियां चलाईं.
प्रदर्शन बुधवार सुबह करीब 5 बजे शुरू हुआ था. प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाए और दोनों राज्यों के बीच गाड़ियों की आवाजाही रोक दी. संगठनों ने कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक यह विरोध जारी रहेगा. प्रदर्शन में तकम मिसिंग पोरिन केबांग (TMPK), मिसिंग मिरी कृषक संग्राम समिति (MMK), गोरखा स्टूडेंट्स यूनियन और छात्र मुक्ति संग्राम समिति से जुड़े लोग शामिल हुए हैं.
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गोगामुख की घटना के विरोध में प्रदर्शन
प्रदर्शनकारी धेमाजी जिले के गोगामुख के मिंगमा बदाती गांव में हुई कथित गोलीबारी की घटना से नाराज हैं. संगठनों का आरोप है कि अरुणाचल प्रदेश की ओर से आए कुछ संदिग्ध लोगों ने गांव में अंधाधुंध फायरिंग की. प्रदर्शनकारी संगठनों ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग की है.
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
प्रदर्शन कर रहे संगठनों ने अरुणाचल प्रदेश सरकार से मांग की है कि गोगामुख की घटना में शामिल बताए जा रहे लोगों की पहचान की जाए और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए. संगठनों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें असम पुलिस को सौंपा जाना चाहिए.
मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक सड़क जाम जारी रखा जा सकता है. सड़क बंद होने से असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई. पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और इलाके में तनाव को बढ़ने से रोकने की कोशिश की जा रही है.
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